Employees News: नौकरीपेशा के लिए चार बड़े बदलाव लाने की तैयारी... सप्ताह में 4 दिन ही जाना होगा ऑफिस... 3 दिन छुट्टी... इन हैंड सैलरी... PF ज्यादा... महिलाओं के लिए ये प्रावधान... जानें कब होगा बदलाव?....
New Labour Codes: सरकार नौकरीपेशा लोगों के लिए चार बड़े बदलाव लाने की तैयारी में है. श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इन चार लेबर कोड्स को फाइनल कर दिया है. अब इसे लागू करने का जिम्मा राज्य सरकारों के ऊपर है.




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New Labour Codes: नौकरीपेशा के लिए जरूरी खबर है. श्रम और रोजगार मंत्रालय ने चार लेबर कोड्स को फाइनल कर दिया है. अब इसे लागू करने का जिम्मा राज्य सरकारों के ऊपर है. देश में एक जुलाई से नया लेबर कोड लागू हो सकता है. सरकार नौकरीपेशा लोगों के लिए चार बड़े बदलाव लाने की तैयारी में है. नए लेबर कोड वेज, सोशल सिक्योरिटी (Social Security), इंडस्ट्रियल रिलेशंस (Industrial Relations) और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी (Occupational Safety) से जुड़े हैं. हो सकता है कि एक जुलाई से आपको दफ्तर में अधिक समय तक काम करना पड़े,
लेकिन आपको तीन दिनों का सप्ताहिक अवकाश भी मिल सकता है. महिला श्रमिकों को उनकी सहमति से रात्रि में काम करने का अधिकार सुनिश्चित किया गया है. संस्थान को महिला श्रमिकों को रात्रि में पर्याप्त सुरक्षा एवं सुविधाएं देने की व्यवस्था करनी होगी. महिला श्रमिकों को वेतन सहित मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह करने का प्रावधान है. नए लेबर कोड के लागू होने के बाद नौकरी करने वालों को सप्ताह में चार दिन ही दफ्तर जाना पड़ेगा. उन्हें तीन दिन का वीकली ऑफ मिलेगा.
आपको 8 या 9 घंटे की जगह 12 घंटे दफ्तर में काम करने होंगे. नए कानून के अनुसार, किसी भी कर्मचारी को सप्ताह में 48 घंटे काम करने होंगे. मतलब ये कि आपको काम कम नहीं करना है, लेकिन दफ्तर 5 दिन की जगह चार दिन ही जाना होगा. पहले किसी भी संस्थान में लंबी अवधि की छुट्टी लेने के लिए साल में कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी होता था. लेकिन नए लेबर कोड के तहत आप 180 दिन (6 महीना) काम करने के बाद लंबी छुट्टी ले सकेंगे. नए वेज कोड के लागू होने के बाद टेक होम सैलरी यानी इन हैंड सैलरी आपके खाते में पहले के मुकाबले कम आएगी.
सरकार ने नए नियम में प्रावधान किया है कि किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी उसकी टोटल सैलरी (CTC) का 50 फीसदी या उससे अधिक होनी चाहिए. अगर आपकी बेसिक सैलरी अधिक होगी, तो पीएफ कंट्रीब्यूशन बढ़ जाएगा. सरकार के इस प्रावधान से रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को मोटी रकम मिलेगी. साथ ही ग्रेज्युटी का पैसा भी अधिक मिलेगा. इससे उनका भविष्य आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा. कंपनी से नौकरी छोड़ने, बर्खास्तगी, छंटनी और इस्तीफा देने के दो दिन के अंदर कर्मचारियों को उनकी सैलरी का भुगतान किया जाएगा.