इस जिले में नगर निगम ने बेजाकब्जा पर बने अवैध मस्जिद को ढहाया धार्मिक स्थल के आसपास व्यावसायिक अतिक्रमण की मिली थी शिकायत पढ़े पूरी ख़बर




छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में नगर निगम ने अवैध मस्जिद पर बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने बीते दिनों ही मस्जिद के नाम पर किए गए अवैध कब्जे को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है। टीम ने एक मजार को ध्वस्त कर दिया है।
इसके साथ ही अवैध कब्जा कर बनाई गई दुकानों और मैरिज हॉल को भी बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है।
करबला कमेटी दरगाह के आसपास मजहब के आड़ में किए गए अवैध अतिक्रमण पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों के साथ 30 दुकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।
धार्मिक स्थल के आसपास व्यावसायिक अतिक्रमण की शिकायतें मिलने के बाद नगर निगम ने पहले करबला कमेटी को नोटिस जारी किया था। नोटिस का जवाब न मिलने पर और कब्जा नहीं हटाने पर निगम ने कार्यवाही शुरू की। सोमवार सुबह, जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने जीई रोड पर स्थित मजार पहुंचकर अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया। नगर निगम ने धार्मिक स्थल के आसपास व्यावसायिक अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त होने पर पहले कर्बला कमेटी को नोटिस जारी किया था। जब नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला और अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो निगम ने कार्रवाई शुरू की। आज यानी सोमवार की सुबह जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम जीई रोड स्थित मजार पर पहुंची और अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई में करीब 100 पुलिसकर्मी, 150 से ज्यादा नगर निगम कर्मचारी, 10 JCB मशीनें, 30 डंपर और 3 चेन माउंटेन जेसीबी शामिल थे। टीम ने करबला कमेटी की मजार के आसपास स्थित करीब 30 दुकानों को अवैध मानते हुए ध्वस्त कर दिया है।
ये दुकानें मजहबी स्थल की आड़ में मजार कमेटी द्वारा अवैध रूप से संचालित की जा रही थीं। निगम ने पहले भी करबला कमेटी को नोटिस दिया था, जिसमें उन्हें साफ तौर पर बताया गया था कि ये दुकानें गैर-धार्मिक उपयोग के लिए हैं और निगम की जमीन पर अवैध कब्जा है।
यह कार्रवाई भिलाई नगर निगम द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इस मामले में उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की गई थी, जिसमें कोर्ट ने दुर्ग कलेक्टर को 120 दिन के भीतर फैसला लेने का समय दिया था। इसके बाद निगमायुक्त ने 3 दिन पहले अंतिम नोटिस जारी कर अवैध कब्जा हटाने को कहा।