मस्तूरी क्षेत्र में बिजली समस्या चरम पर सोन में कई दिनों से बंद है बिजली ग्रामीणों को सांप बिच्छू के डर के साए में बिताना पड़ रहा है रात अधिकारी 3 दिन की छुट्टी होने की बात कह कर झाड़ रहे अपना पल्ला पढ़ें पूरी खबर

मस्तूरी क्षेत्र में बिजली समस्या चरम पर सोन में कई दिनों से बंद है बिजली ग्रामीणों को सांप बिच्छू के डर के साए में बिताना पड़ रहा है रात अधिकारी 3 दिन की छुट्टी होने की बात कह कर झाड़ रहे अपना पल्ला पढ़ें पूरी खबर
मस्तूरी क्षेत्र में बिजली समस्या चरम पर सोन में कई दिनों से बंद है बिजली ग्रामीणों को सांप बिच्छू के डर के साए में बिताना पड़ रहा है रात अधिकारी 3 दिन की छुट्टी होने की बात कह कर झाड़ रहे अपना पल्ला पढ़ें पूरी खबर

बिलासपुर//मस्तूरी क्षेत्र में बिजली की चरम समस्या किसी से छिपी नहीं है दिन हो या रात लाइट की समस्या 24 घंटे इस क्षेत्र में व्याप्त है कहीं लो वोल्टेज की समस्या है तो कहीं ट्रांसफार्मर खराब हो गई है कहीं तार टूटा है तो कहीं मेंटेनेंस नहीं होने के कारण तारों में पेड़ जाकर फस जा रहे हैं सवाल यह नहीं है की समस्या क्यों हो रहा है सवाल यह है कि विद्युत विभाग में बैठे अधिकारी इन समस्याओं को दूर करने अपने कर्मचारियों को क्यों नहीं कहते क्यों उपभोक्ताओं को रोज बिजली की समस्याओं से रूबरू करा रहे हैं क्यों विभाग में बैठे अधिकारी छोटी-छोटी समस्याओं को बड़ी समस्या बता कर सरकार की फजीहत कर रहे हैं ग्राम पंचायत सोन के कवर पारा में ट्रांसफार्मर खराब हुए कई दिन हो गए हैं पर अभी तक यहां सुधार के नाम पर कोई भी उचित कदम नहीं उठाया गया है ग्रामीणों ने थक हारकर सरपंच का सहारा लिया सरपंच ने अपने लेटर पैड में लिखकर समस्या से चिल्हाटी कनिष्ठ यंत्री को आवेदन भी किया बावजूद इसके अभी तक कोई उचित कदम नहीं उठाया गया कुछ दिन पहले ही जोंधरा क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि बिजली की समस्या को लेकर जिला में बैठे अधिकारियों से भी मिलकर आए हैं जहां से उनको पूर्ण आश्वासन मिला कि बिजली की समस्याओं में सुधार हो जाएगी आगे से समस्या नहीं होगी पर इस क्षेत्र में बिजली की समस्या जो लगातार बनी हुई हैं कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है ना ही कोई कर्मचारी आखिर ग्रामीण जाएं तो किसके पास जाएं आपको जानकर ताज्जुब होगा कि क्षेत्र के जे ई ध्रुव से जब इस मामले में जानकारी ली गई तो वो बताते हैं कि अभी फिलहाल तीन दिनों का छुट्टी है इसलिए कोई काम नहीं हो पाएगा छुट्टी के बाद देखेंगे की क्या हो सकता है मतलब सहाब को ग्रामीणों की समस्या से कोई सरोकार नहीं है ये तो छुट्टी की बात बोलकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं पर समस्या यह है कि तीन दिनों की छुट्टी होने की बात जो अधिकारी कह रहे हैं वह शायद ये नहीं जानते है कि तीन दिनों तक  ग्रामीणों को अंधेरे में ही जीवन यापन करना होगा जो बहुत ही बड़ी समस्या हैं क्यों कि बारिश के दिनों में दिन तो किसी तरह से निकल जाता है पर रात मे ग्रामीणों को साँप बिच्छु के डर के साए में रोज अंधेरे में रात बिताना पड रहा हैं पर अधिकारियों को इनसे कोई मतलब नहीं है वो तो बस छुट्टी की बात कह कर अपना जिम्मेदारी से मुँह मोड़ ले रहे है! विद्युत विभाग में चल रही यह समस्या कोई नई बात नहीं है यहां लगातार बिजली की समस्या है थोड़ी ही बारिश होते ही तारों के बीच कहीं पेड़ फस जाता है तो कहीं डगाल तार पर गिर जाता है जबकि बारिश के पूर्व विद्युत विभाग सूचना जारी करके बिजली कटौती करती है और कहती है कि आज मेंटेनेंस होगा इसलिए बिजली बंद किया जा रहा है जब मेंटेनेंस कर लिया गया है तो तारों के बीच यह पेड़ कहां से लटक रहे हैं पेड़ के झाड़ तारों के बीच क्यों गिर जा रहे हैं क्या नाम मात्र या खानापूर्ति के लिए मेंटेनेंस किया जाता है या यह सरकार को बदनाम करने की एक साजिश है वहीं  सोन सरपंच अशोक श्यानता केवट का कहना है कि जल्द से जल्द सुधार नहीं किया गया तो वो इसकी शिकायत लेकर मंत्री जी के पास जाएंगे बहर हाल अब देखना होगा ऐसे अधिकारियों पर सरकार क्या एक्शन लेती हैं