IND vs AUS : फाइनल से पहले दी सलाह, नहीं मानने का मिला नतीजा, अब सचिन तेंदुलकर का फूटा गुस्सा

IND vs AUS : फाइनल से पहले दी सलाह, नहीं मानने का मिला नतीजा, अब सचिन तेंदुलकर का फूटा गुस्सा
IND vs AUS : फाइनल से पहले दी सलाह, नहीं मानने का मिला नतीजा, अब सचिन तेंदुलकर का फूटा गुस्सा

नई दिल्ली। पांच दिन के मुकाबले से पहले जिस मुद्दे पर खूब चर्चा हो रही थी, खूब सुझाव दिये जा रहे थे, वो अब भी जारी हैं। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के पांच दिनों की टक्कर के दौरान भी ये बहस होती रही और आखिरी दिन भारत की हार के बाद भी थमी नहीं।

मुद्दा है- रविचंद्रन अश्विन की जगह। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में भारत की हार के बाद महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर इस फैसले पर हैरानी जताई है।

लंदन के ओवल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 209 रनों से हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीत ली। मैच के आखिरी दिन रविवार 11 जून को ऑस्ट्रेलिया ने भारत को आखिरी पारी में सिर्फ 234 रन पर ढेर कर मुकाबला अपने नाम किया।

ऑस्ट्रेलिया के लिए इस पारी में ऑफ स्पिनर नाथन लायन ने 4 विकेट हासिल किये और इसने अश्विन को शामिल न करने के भारत के फैसले को फिर कठघरे में खड़ा कर दिया।

अश्विन को न खिलाने पर बरसे सचिन

आम तौर पर भारतीय टीम की हार के बाद आलोचना करने या फैसलों पर सवाल उठाने से बचने वाले मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर भी शायद ओवल की शर्मनाक हार से आहत हैं।

यही कारण है कि उन्होंने टीम इंडिया के खिताब से नाकाम होने के बाद फिर इस मुद्दे का जिक्र किया। सचिन तेंदुलकर ने एक ट्वीट में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए बधाई देने के साथ ही टीम इंडिया के इस फैसले पर सवाल उठाया।

सचिन ने अपने पोस्ट में हैरानी जताई कि दुनिया के नंबर एक रैंक टेस्ट गेंदबाज को क्यों प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया।

मैच से पहले भी सचिन ने एक वीडियो में ओवल की पिच पर स्पिनरों के असर का जिक्र करते हुए अश्विन को खिलाने की वकालत की थी। उन्होंने इसे दोहराते हुए कहा कि काबिल स्पिनर पिच के उछाल और ड्रिफ्ट के साथ वेरिएशन का इस्तेमाल करते हैं।

पहले दिन ही दिख गया असर

सिर्फ सचिन ही नहीं, बल्कि मैच के पहले दिन प्लेइंग इलेवन सामने आने के बाद से ही सुनील गावस्कर, सौरव गांगुली, रिकी पॉन्टिंग समेत भारत, ऑस्ट्रेलिया के कई दिग्गज भी इस फैसले पर सवाल उठाते दिखे। भारतीय टीम 4 तेज गेंदबाजों और एक स्पिनर के साथ उतरी थी।

इसका नतीजा ये हुआ कि पहले दिन तीसरे सेशन में जब स्टीव स्मिथ और ट्रेविस हैड के विकेट नहीं मिल रहे थे, तो भारतीय गेंदबाज रन रोकने में भी नाकाम रहे और उसका असर अंत में नतीजे पर पड़ा।