Generic Medicines : केंद्र सरकार ने का बड़ा फैसला! अब जेनेरिक दवाएं न लिखने वालें डॉक्टर्स पर होगी कार्रवाई, ई-मेल से मिलेगी नई दवा की सूचना...
Generic Medicines: Central Government's big decision! Now action will be taken against doctors who do not prescribe generic medicines, information about new medicines will be received through e-mail. Generic Medicines : केंद्र सरकार ने का बड़ा फैसला! अब जेनेरिक दवाएं न लिखने वालें डॉक्टर्स पर होगी कार्रवाई, ई-मेल से मिलेगी नई दवा की सूचना...




Generic Medicines :
नया भारत डेस्क : देश में जेनरिक दवाओं के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार अब सख्त हो गई है. सरकार ने एक आदेश जारी कर अपने सभी डॉक्टरों को जेनरिक दवा लिखने की हिदायत दी है. सरकार ने कहा कि अगर डॉक्टर अपनी पर्ची में जेनरिक दवा नहीं लिखते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. केंद्र सरकार के अस्पतालों और सीजीएचएस वेलनेस सेंटरों के लिए जारी चेतावनी में कहा गया है कि अब अस्पताल परिसरों में चिकित्सा प्रतिनिधियों के प्रवेश पर भी पूरी तरह पाबंदी होगी। (Generic Medicines)
अधिसूचना के मुताबिक, आंकड़ों को राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर में अद्यतन किया जाएगा। यह आम लोगों के लिए उपलब्ध रहेगा। इसे एनएमसी की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। वेबसाइट पर चिकित्सक का नाम, पंजीकरण की तिथि एवं संख्या, कार्यस्थल, अतिरिक्त चिकित्सा योग्यता, विशेषता आदि का ब्योरा होगा। इसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जिन्होंने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग कानून 2019 के तहत मान्यता प्राप्त प्राथमिक चिकित्सा योग्यता प्राप्त की है और अधिनियम की धारा 15 के तहत आयोजित राष्ट्रीय परीक्षा पास की हो, वह पंजीकरण के लिए पात्र होगा। (Generic Medicines)
देश के सभी चिकित्सकों को अब राज्य चिकित्सा परिषदों के साथ ही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) में पंजीकरण कराना होगा। देश में प्रैक्टिस करने के लिए डॉक्टरों को एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईडी) मिलेगी। (Generic Medicines)
जेनेरिक दवाएं न लिखीं तो होगी कार्रवाई :
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने कहा, केंद्र सरकार अस्पतालों, स्वास्थ्य योजना कल्याण केंद्रों (सीजीएचएस) और पॉलीक्लिनिक के डॉक्टरों को कई बार जेनेरिक दवाएं लिखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद अलग-अलग अस्पतालों के रेजिडेंट एवं विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों को ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। (Generic Medicines)
ई-मेल से मिलेगी नई दवा की सूचना :
आदेश में कहा गया है, यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी अस्पतालों के परिसर में चिकित्सा प्रतिनिधि का दौरा प्रतिबंधित किया जाए। किसी नई दवा के लॉन्च के बारे में कोई भी जानकारी केवल ई-मेल के माध्यम से ही प्राप्त की जाए।
मरीजों पर पड़ रहा अतिरिक्त बोझ :
डॉ. अतुल गोयल ने कहा, ब्रांडेड दवाओं की प्रैक्टिस से न सिर्फ मरीजों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा, बल्कि यह नियमों के खिलाफ भी है। मरीजों को कई बार ब्रांडेड दवाओं के लिए दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। दिल्ली एम्स सहित केंद्र सरकार के सभी अस्पताल और डिस्पेंसरी को ब्रांडेड दवाओं की प्रैक्टिस तत्काल बंद करनी होगी। मौजूदा समय में जनऔषधि और अमृत फॉर्मेसी पर काफी सस्ती दवाएं उपलब्ध हैं। (Generic Medicines)