मुख्यमंत्री भूपेश ने धान खरीदी को लेकर कलेक्टरों को दिए निर्देश: 'प्रदेश में धान खरीदी के लिए पूरी तैयारी रखें, धान बेचने में किसानों को न हो कोई दिक्कत'...
” Farmers should not be inconvenienced in selling paddy”: Chief Minister Mr.Bhupesh Baghel, CM directs the collectors to gear up for paddy procurement, “Complete all necessary preparations before the commencement of paddy procurement”: CM directs district Collectors, Paddy procurement to begin from November 01 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए समर्थन मूल्य धान खरीदी को लेकर पूरी तैयारी रखने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि, धान बेचने में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।




” Farmers should not be inconvenienced in selling paddy”: Chief Minister Mr.Bhupesh Baghel, CM directs the collectors to gear up for paddy procurement, “Complete all necessary preparations before the commencement of paddy procurement”: CM directs district Collectors, Paddy procurement to begin from November 01
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए समर्थन मूल्य धान खरीदी को लेकर पूरी तैयारी रखने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि, धान बेचने में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री बघेल ने आज से राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कानून-व्यवस्था समेत प्रदेश में धान खरीदी तैयारियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की।
कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के पहले दिन मुख्यमंत्री बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए धान खरीदी को लेकर जिला स्तर पर तैयारियों पर जिला कलेक्टर से सीधी बात की। इस दौरान उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि, प्रदेश में नवम्बर से धान खरीदी प्रारंभ होने वाली है, इस लिहाज से पूर्ण तैयारी रखें।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू कर दी जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का लक्ष्य 1 करोड़ 10 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। ऐसे में धान केन्द्रों केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था और सुविधाएं समेत प्राथमिकता के साथ बारदाना की उपलब्धता पर जोर दिया गया।