CG कांग्रेस विधायक दल की बैठक कल : मुख्यमंत्री ने बुलाई विधायक दल की बैठक … सामने है विधानसभा सत्र, TS का पंचायत से इस्तीफा देने के बाद अब आगे क्या?….मंत्री टीएस सिंहदेव सहित कई मुद्दों पर होगी चर्चा….
Chhattisgarh Congress Legislature Party meeting tomorrow Congress Legislature Party meeting tomorrow: Chief Minister called Legislature Party meeting….Many issues including Minister TS Singhdev will be discussed छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री भूपेश बघेल ने कल विधायक दल की बैठक बुलाई है …




Chhattisgarh Congress Legislature Party meeting tomorrow
छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री भूपेश बघेल ने कल विधायक दल की बैठक बुलाई है …
आज कुछ देर पहले मंत्री टीएस सिंहदेव ने पंचायत मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके पास चार विभाग थे, जिसमें से उन्होंने पंचायत विभाग छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर चार पेज का पत्र भी लिखा है. मुख्यमंत्री विधायकों से चर्चा कर सकते है साथ ही मानसून सत्र को लेकर तैयारी को भी चर्ची होगी...
उनके इस्तीफे के बाद अब राज्य की राजनीति में कयासों और अटकलों का दौर शुरू हो गया है...अब आगे क्या होगा? चूंकि 20 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। पंचायत जैसे महत्वपूर्ण विभाग होने के चलते इस विभाग में अत्यधिक प्रश्न विधानसभा सत्र में लगते है। पिछले तीन वर्षों से सिंहदेव पंचायत के प्रश्नों का सामना विधानसभा में कर रहें हैं। अब सत्र शुरू होने से ठीक पहले सिंहदेव के इस्तीफे से दिक्कत यह होगी कि अब सत्र में सवालों का सामना करेगा कौन?
सिंहदेव के विभाग छोड़ने की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सियासत के जानकारों का कहना है, मुख्यमंत्री विभाग अपने पास रख लेंगे या किसी मंत्री को दे देंगे। क्योंकि, अगर मुख्यमंत्री विभाग वापस लेने तैयार नहीं हुए और सिंहदेव अड़ जाएं तो फिर मामला हाईकमान के पास जाएगा।
विधानसभा से सेवानिवृत प्रमुख सचिव देवेंद्र वर्मा का कहना है कि मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच विभागों का बंटवारा मुख्यमंत्री करते हैं। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री का ही माना जाता है। वहीं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने कहा, मंत्री अपनी पोर्टफोलियो की कोई जिम्मेदारी ऐसे ही नहीं छोड़ सकता है। यह मुख्यमंत्री पर निर्भर है कि वे उनके पत्र पर क्या कार्यवाही करते हैं। मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा मुख्यमंत्री करते हैं। ऐसे में कोई विभाग देना अथवा वापस लेना मुख्यमंत्री का ही अधिकार है। मंत्री ने इच्छा जताई है तो मुख्यमंत्री उन्हें पंचायत विभाग से मुक्त भी कर सकते हैं।