Chhattisgarh: डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने जाहिर की कड़ी नाराजगी... सुबह 8 बजे आना था, 10.30 तक अस्पताल नहीं पहुंचे थे डॉक्टर... थोड़ी तो ईमानदारी दिखाइए... आप ढाई घण्टे लेट आएंगे तो मरीज का इलाज कैसे होगा?.....

Chhattisgarh, Collector inspected the hospital, Collector expressed strong displeasure over the absence of doctors जांजगीर-चांपा 21 जुलाई 2022। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज चांपा स्थित स्वर्गीय बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान 10.30 बजे जब उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ के उपस्थिति पंजी की जाँच की तो 2 चिकित्सक अनुपस्थित मिले। कलेक्टर सिन्हा ने डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि चाम्पावासियों के लिए शासन ने इतना बेहतर अस्पताल मुहैया कराया है। आसपास सहित दूरदराज के गरीब और जरूरतमंद मरीज बड़ी ही आस और उम्मीद के साथ यहाँ उपचार कराने आते हैं। चिकित्सकों को भगवान माना जाता है। आप यहाँ के चिकित्सक है और आप के खातिर ही मरीज स्वस्थ् होने आते हैं। सुबह 8 बजे का समय निर्धारित है,लेकिन आप ढाई घण्टे बाद 10.30 बजे आ रहे हैं। ऐसे में मरीजों का इलाज कैसे होगा? कलेक्टर ने अस्पताल और चिकित्सक की गरिमा का ख्याल रखते हुए समय पर आने तथा मरीजों का बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

Chhattisgarh: डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने जाहिर की कड़ी नाराजगी... सुबह 8 बजे आना था, 10.30 तक अस्पताल नहीं पहुंचे थे डॉक्टर... थोड़ी तो ईमानदारी दिखाइए... आप ढाई घण्टे लेट आएंगे तो मरीज का इलाज कैसे होगा?.....
Chhattisgarh: डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने जाहिर की कड़ी नाराजगी... सुबह 8 बजे आना था, 10.30 तक अस्पताल नहीं पहुंचे थे डॉक्टर... थोड़ी तो ईमानदारी दिखाइए... आप ढाई घण्टे लेट आएंगे तो मरीज का इलाज कैसे होगा?.....

Chhattisgarh, Collector inspected the hospital, Collector expressed strong displeasure over the absence of doctors

 

जांजगीर-चांपा 21 जुलाई 2022। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज चांपा स्थित स्वर्गीय बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान 10.30 बजे जब उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ के उपस्थिति पंजी की जाँच की तो 2 चिकित्सक अनुपस्थित मिले। कलेक्टर सिन्हा ने डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि चाम्पावासियों के लिए शासन ने इतना बेहतर अस्पताल मुहैया कराया है। आसपास सहित दूरदराज के गरीब और जरूरतमंद मरीज बड़ी ही आस और उम्मीद के साथ यहाँ उपचार कराने आते हैं। चिकित्सकों को भगवान माना जाता है। आप यहाँ के चिकित्सक है और आप के खातिर ही मरीज स्वस्थ् होने आते हैं। सुबह 8 बजे का समय निर्धारित है,लेकिन आप ढाई घण्टे बाद 10.30 बजे आ रहे हैं। ऐसे में मरीजों का इलाज कैसे होगा? कलेक्टर ने अस्पताल और चिकित्सक की गरिमा का ख्याल रखते हुए समय पर आने तथा मरीजों का बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

 

कलेक्टर सिन्हा ने आज स्वर्गीय बिसाहूदास महंत स्मृति चिकित्सालय का दूसरी बार औचक निरीक्षण किया। यहाँ आते ही उन्होंने सबसे पहले चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की उपस्थिति की जाँच की। कलेक्टर ने पाया कि डॉ अनिता और डॉ सरिता यहाँ समय पर उपस्थित नहीं थी। उन्होंने कार्यवाही के निर्देश देते हुए मरीजों के वार्ड, शौचालय की व्यवस्था को बेहतर बनाने कहा और यहां की सफाई व्यवस्था तथा यहां आने वाले मरीजों को शासन की योजनाओं के तहत लाभान्वित करते हुए बेहतर उपचार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल में मरीज बहुत उम्मीद के साथ अपना उपचार कराने आते हैं। उन्हें यहां पर्याप्त सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाम्पा की अपनी अलग पहचान है। यहाँ इलाज की बेहतर सुविधाएं जरूर मिलनी चाहिए।

 

वे चिकित्सालय की कमियों को दूर करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए पैसे की कोई कमी नहीं होने की बात कही। गौरतलब है कि कलेक्टर सिन्हा ने इस अस्पताल का एक सप्ताह पहले 15 जुलाई को ही निरीक्षण किया था और यहाँ की अव्यवस्था को सुधारने तथा सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने चिकित्सालय को अपग्रेड करते हुए आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए भी आवश्यक निर्देश पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को दिए थे। 

 

ओपीडी कम क्यों है? थोड़ा तो ईमानदारी दिखाइए

 

कलेक्टर ने जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सारागांव का आकस्मिक निरीक्षण किया तो उन्हें यहाँ भी चिकित्सक सहित अन्य के विरुद्ध समय पर अस्पताल नहीं आने की शिकायत मिली। कलेक्टर ने मौके पर मेडिकल ऑफिसर को निर्देशित किया कि आप और आपका स्टाफ समय पर आना सुनिश्चित करे। यहाँ ओपीडी की संख्या बहुत कम होने पर कलेक्टर सिन्हा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आपके क्षेत्र के लोग बीमार होकर निजी चिकित्सक के पास जा रहे हैं। शुल्क दे रहे हैं और दवाइयां भी पैसे देकर खरीद रहे हैं। जबकि शासकीय अस्पताल में आप जैसे प्रशिक्षित और काबिल चिकित्सक है। मुफ्त में दवाइयां दी जा रही है। आप लोग यदि समय पर अस्पताल आएंगे तो बीमारी का इलाज कराने इस क्षेत्र के लोग निजी डॉक्टर के पास क्यों जाएंगे? आप ईमानदारी दिखाइए। सेवा कीजिए और यहाँ के लोगों के लिए चिकित्सक के रूप में इलाज कर भगवान जैसा बनिए। कलेक्टर ने यहाँ टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश भी दिए।