CG High Court ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के इस जिले के 30 गांव की बदहाली को लेकर हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस, मुख्य सचिव, राजस्व सचिव और कलेक्टर से जवाब मांगा.....
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 30 गांव बदहाली का जीवन जी रहे हैं। इसको लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने बस्तर के आदिवासियों की तकलीफ को संज्ञान में लेते हुए मामले में मुख्य सचिव, राजस्व सचिव और कलेक्टर को नोटिस जारी किया है।




बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 30 गांव बदहाली का जीवन जी रहे हैं। इसको लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने बस्तर के आदिवासियों की तकलीफ को संज्ञान में लेते हुए मामले में मुख्य सचिव, राजस्व सचिव और कलेक्टर को नोटिस जारी किया है। इसमें कोर्ट ने इन गांवों के विकास को लेकर क्या किया है, इसके अलावा अन्य जानकारी मांगी है।
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बस्तर के आदिवासी बाहुल्य गांव के लोगों की परेशानियों को देखते हुए जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू कर दी है। इसमें बीजापुर जिले के 30 गांव की बदहाली को लेकर चीफ जस्टिस ने मुख्य सचिव, राजस्व सचिव समेत कलेक्टर को नोटिस जारी किया है। इसमें जवाब मांगा है कि वहां के लोग किस तरह से जीवन गुजार रहे हैं।
बता दें कि समाचार पत्रों और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में बीजापुर जिले के 30 गांव की बदहाली को लेकर समाचार प्रकाशित हुए थे। इन खबरों में बताया था कि किस तरह से बारिश के समय में ये 30 गांव टापू में तब्दील हो जाते हैं।
इन गांवों में भारी बारिश के दौरान भयावह स्थिति बन जाती है। इस बीच उफनती नदी पार करते हुए ग्रामीण राशन लेने पीडीएस दुकान जाते हैं, ऐसे में हादसे का खतरा बना रहता है। खबरों में बताया गया था कि बीते 77 सालों से इन गांवों के हालात जस के तस बने हुए हैं। ये बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम ब्लॉक में चिंतावागु नदी पर पुल ना बनने के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
बता दें कि पिछले दिनों जब बीजापुर जिले में बारिश हो रही है। क्षेत्र की सभी नदियां और नाले उफान पर हैं। इसके चलते क्षेत्र के तीन से ज्यादा गांव टापू में तब्दील हो गए हैं।
वहीं जिले के अन्य गांवों का संपर्क शहरी क्षेत्र से टूट गया है। इन गांवों के ग्रामीण गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ये पीडीएस से मिलने वाले राशन को भी इकट्ठा करने में सक्षम नहीं है। इसके चलते सुदूर गांवों के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उफनी नदी पर करने को विवश हैं।
क्षेत्र की चिंतावागु नदी पर कोई पुल नहीं है। ऐसे में ये लोग राशन के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर नदी को पार करते हैं। इसी के चलते पिछले दिनों बारिश के बाद की बदहाली का वीडियो किसी ने बना लिया था और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस पर हाईकोर्ट द्वारा जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की गई है।