CG - CMO सस्पेंड BREAKING : राज्य सरकार ने महिला सीएमओ को दूसरी बार किया निलंबित, इस मामले में हुई बड़ी कार्रवाई, जानें पूरा मामला.....

राज्य सरकार ने लैगूंगा की सीएमओ को सस्पेंड कर दिया है। निलंबित सीएमओ ममता चौधरी प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत लैलूंगा के पद पर तैनात थी। 

CG - CMO सस्पेंड BREAKING : राज्य सरकार ने महिला सीएमओ को दूसरी बार किया निलंबित, इस मामले में हुई बड़ी कार्रवाई, जानें पूरा मामला.....
CG - CMO सस्पेंड BREAKING : राज्य सरकार ने महिला सीएमओ को दूसरी बार किया निलंबित, इस मामले में हुई बड़ी कार्रवाई, जानें पूरा मामला.....

रायपुर। राज्य सरकार ने लैगूंगा की सीएमओ को सस्पेंड कर दिया है। निलंबित सीएमओ ममता चौधरी प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत लैलूंगा के पद पर तैनात थी। उन पर आरोप है कि 2016-17 में नगर पंचायत किरोड़ीमलनगर में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी रहने के दौरान अध्यक्ष एवं पार्षद निधि से डस्टबीन क्रय में भ्रष्टाचार किया। राज्य सरकार के निर्देश पर जांच टीम ने जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मालूम हो कि इसके पहले भी सीएमओ एक बार और सस्पेंड हो चुकी हैं। ये दूसरी बार होगा जब उन्हें निलंबित किया गया।

दरअसल, ममता चौधरी, प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत लैलूंगा के द्वारा नगर पंचायत किरोड़ीमलनगर में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में पदस्थापना के दौरान 2016-17 में अध्यक्ष एवं पार्षद निधि से डस्टबीन क्रय में अनियमितता का आरोप लगा था। शासन द्वारा जांच प्रमाणित पाये जाने के बाद शासन के आदेश पर 25 जनवरी 2022 को 615751 की राशि आर्थिक क्षति की वसूली का निर्णय दिया गया था। साथ ही दो वेतन वृद्धि भी रोकी गई थी। लेकिन ममता चौधरी प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा नगर पंचायत लैलूंगा में पदस्थापना के दौरान अपने पदीय दायित्वों का दुरूपयोग करते हुए अपने वेतन से आर्थिक क्षति की राशि की कटौती नहीं की और मार्च 2024 से माह जुलाई 2024 तक सम्पूर्ण वेतन का आहरण किया। 27 सितम्बर 2024 को आयोजित समीक्षा बैठक में नगर पंचायत की समीक्षा में आय-व्यय की गलत जानकारी प्रस्तुत करने, निकाय के कर्मचारियो का अगस्त 2024 से लंबित वेतन भुगतान नहीं करने, शासन के निर्देशानुसार लक्ष्य अनुरूप कम वसूली करने एवं निर्माण कार्यो में लापरवाही व उच्च कार्यालय के आदेशों के अवहेलना करना पाया गया।

चौधरी का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966. छत्तीसगढ़ नगरपालिका कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा शर्ते) नियम 1968 के विपरीत है एवं शासन के आदेश की अवहेलना के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।