CG Cabinet Meeting : साय कैबिनेट की अहम बैठक कल,कई बड़े फैसले पर लग सकती है मुहर...

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 02 दिसम्बर को मंत्रिपरिषद की बैठक आहूत की गई है। यह बैठक अपरान्ह 03 बजे से नया रायपुर महानदी मंत्रालय भवन में होगी।

CG Cabinet Meeting : साय कैबिनेट की अहम बैठक कल,कई बड़े फैसले पर लग सकती है मुहर...
CG Cabinet Meeting : साय कैबिनेट की अहम बैठक कल,कई बड़े फैसले पर लग सकती है मुहर...

रायपुर, 01 दिसम्बर 2024/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 02 दिसम्बर को मंत्रिपरिषद की बैठक आहूत की गई है। यह बैठक अपरान्ह 03 बजे से नया रायपुर महानदी मंत्रालय भवन में होगी।

बैठक में छत्तीसगढ़ में निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर ओबीसी आरक्षण मामले में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की रिपोर्ट पर कैबिनेट विचार करेगी। आयोग द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर ओबीसी आरक्षण को मंजूरी मिलने की संभावना है।

ओबीसी आरक्षण की सीमा तय होने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग सभी निकायों के वार्डों में पार्षद और महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और नगर पालिका में अध्यक्ष पद के आरक्षण की स्थिति लाटरी के माध्यम से तय करेगा। उसके आधार पर निर्वाचन आयोग चुनाव कराएगा। ओबीसी आरक्षण को मंजूरी मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग 15 दिसंबर के बाद कभी भी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।

आरक्षण पर अटका मामला

ओबीसी आरक्षण के संबंध में पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किया गया, जो प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर सर्वे के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी है। रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार इस मामले पर विचार करने के बाद आरक्षण की सीमा निर्धारित करेगी। कैबिनेट के निर्णय के बाद यह मामला राजभवन भेजा जाएगा, जहां से अध्यादेश जारी होने के बाद चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण अब तक नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव का मामला अटका हुआ था।

ये होगा अनुपात

आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ऐसे निकायों में जहां पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए कुल आरक्षण 50 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां ओबीसी आरक्षण शून्य होगा। हालांकि जहां एससी एसटी का आरक्षण 50 प्रतिशत से कम है, वहां ओबीसी को आरक्षण का लाभ 50 प्रतिशत तक मिलेगा। यह आरक्षण उस निकाय के अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी से अधिक नहीं होगा।

निकाय के जिन पदों के आरक्षण राज्य स्तर से तय होते हैं, उसमें जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष जैसे पद शामिल हैं। उन पदों के लिए ऐसे निकायों की कुल जनसंख्या के आधार पर इस फॉर्मूले का पालन करते हुए आरक्षित पदों की संख्या तय होगी।