बिग CG न्यूज: 10 साल पहले हुए ब्लाइंड मर्डर का खुलासा.... खेत में प्रेमी प्रेमिका का पकड़ा.... प्रेमिका के साथ खुद का अवैध संबंध छिपाने कर दी सैलून संचालक की हत्या.... पहले की पिटाई... फिर गला दबाकर उतारा मौत के घाट.... फिर जो हुआ......

बिग CG न्यूज: 10 साल पहले हुए ब्लाइंड मर्डर का खुलासा.... खेत में प्रेमी प्रेमिका का पकड़ा.... प्रेमिका के साथ खुद का अवैध संबंध छिपाने कर दी सैलून संचालक की हत्या.... पहले की पिटाई... फिर गला दबाकर उतारा मौत के घाट.... फिर जो हुआ......

 

रायपुर। थाना खरोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम फरहदा में 10 वर्ष पूर्व हुये अंधे कत्ल का खुलासा हो गया। हत्या में शामिल 02 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। थाना खरोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम फरहदा में दिनांक 14.01.2011 को मृतक लेखराम सेन की हत्या किये थे। आरोपी द्वारा प्रेमिका के साथ स्वयं का अवैध संबंध छिपाने हत्या किये थे। आरोपियों ने मृतक लेखराम सेन की मारपीट व बेल्ट से गला दबाकर हत्या की थी।

 

आरोपियान घटना में प्रयुक्त बेल्ट को फेंक नहर में दिये थे। हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपीगण फरार होकर अपने गृह ग्राम जरौद में निवास करते थे। आरोपी संतोष यादव द्वारा हत्या की घटना को किसी अन्य व्यक्ति को बताने पर इस अंधेकत्ल का खुलासा हुआ। आरोपियों के विरूद्ध थाना खरोरा में अपराध क्रमांक 18/11 धारा 302, 201, 34 भादवि. के तहत् अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

 

 

 

नयाभारत को मिली जानकारी के मुताबिक लेखराम सेन ग्राम कोसरंगी में सैलून दुकान चलाता था। लेखराम सेन दिनांक 14.01.2011 को रात में करीबन 11ः00 बजे ग्राम फरहदा में आरकेस्ट्रा का कार्यक्रम देखने गए थे। घर से अकेले निकले थे जो रात में वापस नहीं लौटे। लेखराम सेन ग्राम फरहदा में एक खेत में मृत अवस्था में पड़ा मिला। लेखराम सेन के सिर, चेहरे में चोट के निशान थे, खून निकला था जो मृत अवस्था में झाडूराम सतनामी के खेत में पड़े थे। जिस पर प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना खरोरा में अपराध क्रमांक 18/11 धारा 302, 201, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया। 

 

पुलिस द्वारा मृतक व घटना के संबंध में मृतक के पुत्र प्रार्थी एवं उसके परिवार के अन्य सदस्यों से विस्तृत पूछताछ करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ किया गया। मृतक का शव जिस खेत में पड़ा था उस खेत के स्वामी सहित घटना स्थल के आसपास के लोगों से भी मृतक व घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ किया गया। अज्ञात आरोपी की पतासाजी के संबंध में मुखबीर लगाये गये। 

 

टीम के सदस्यों द्वारा मृतक के साथियों के संबंध में भी जानकारी एकत्र की जा रहीं थी। मृतक को अंतिम बार किस व्यक्ति के साथ देखा गया था तथा किन - किन साथियों/व्यक्तियों से मृतक का मिलना - जुलना अधिक था, के संबंध में भी जानकारी प्राप्त कर अज्ञात आरोपी को चिन्हांकित करने के प्रयास किये जा रहे थे। नयाभारत को मिली जानकारी के मुताबिक इसी दौरान थाना मंदिर हसौद क्षेत्रांतर्गत ग्राम जरौद निवासी संतोष यादव उर्फ घनश्याम उर्फ आमला ने कुछ दिनों पूर्व ग्राम फरहदा के ढ़ाबे में किसी व्यक्ति को बताया था कि उसी ने लेखराम सेन की हत्या की है। 

 

सूचना को, अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी में लगी टीम के सदस्यों द्वारा गंभीरता से लेते हुये घटना के बिन्दुओं को कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुये महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किये गये तथा संतोष यादव उर्फ घनश्याम उर्फ आमला की पतासाजी कर पकड़ा गया। टीम के सदस्यों द्वारा संतोष यादव से पूछताछ करने पर उसके द्वारा किसी भी प्रकार से अपराध में अपनी संलिप्तता नहीं होना बताकर लगातार टीम को गुमराह किया जा रहा था। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर संतोष यादव अपने झूठ के सामने टिक न सका और अंततः आरोपी संतोष यादव द्वारा अपने साथी लोकेश यादव के साथ मिलकर हत्या की उक्त घटना को कारित करना स्वीकार किया गया। 

 

जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा घटना में संलिप्त आरोपी लोकेश यादव को भी पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी संतोष यादव ने बताया कि वह 10 वर्ष पूर्व अपने नाना के घर ग्राम फरहदा खरोरा में रहता था। दिनांक घटना की रात्रि वह अपनी प्रेमिका से मिलने खेत में गया था और रखवाली हेतु अपने साथी लोकेश यादव को खड़ा किया था। नयाभारत को मिली जानकारी के मुताबिक इसी दौरान आरोपी संतोष यादव एवं उसकी प्रेमिका को मृतक लेखराम सेन ने मिलते हुये देख लिया जिससे आरोपी की प्रेमिका भाग गयी तथा मृतक लेखराम सेन दोनों आरोपियों को फटकार लगाते हुए बोला तुम्हारी हरकत को मैं गांव वालों को बता दूंगा। 

 

इस बात से गुस्सा होकर दोनों आरोपियों ने लेखराम सेन के साथ हाथ मुक्का एवं लात से मारपीट किया तथा पास पडे़ मिट्टी में ढेलों से लेखराम सेन के सिर पर वार किये और अंत में बेल्ट से लेखराम सेन का गला दबाकर हत्या कर बेल्ट को नहर में फेंक कर फरार हो गये तथा आरोपी संतोष यादव भागकर अपने गृहग्राम जरौद मंदिर हसौद में निवास करने लगा। संतोष यादव और लोकेश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।