Bike Taxy : Bike Taxy बुक करने से पहले जान ले ये लीगल है या नहीं, सड़क परिवहन मंत्रालय ने बताया क्या है प्रावधान, यहाँ देखें पूरी डिटेल...

Bike Taxi: Before booking Bike Taxi, know whether it is legal or not, Road Transport Ministry has told what are the provisions, see complete details here... Bike Taxy : Bike Taxy बुक करने से पहले जान ले ये लीगल है या नहीं, सड़क परिवहन मंत्रालय ने बताया क्या है प्रावधान, यहाँ देखें पूरी डिटेल...

Bike Taxy : Bike Taxy बुक करने से पहले जान ले ये लीगल है या नहीं, सड़क परिवहन मंत्रालय ने बताया क्या है प्रावधान, यहाँ देखें पूरी डिटेल...
Bike Taxy : Bike Taxy बुक करने से पहले जान ले ये लीगल है या नहीं, सड़क परिवहन मंत्रालय ने बताया क्या है प्रावधान, यहाँ देखें पूरी डिटेल...
Bike Taxy : Bike Taxy बुक करने से पहले जान ले ये लीगल है या नहीं, सड़क परिवहन मंत्रालय ने बताया क्या है प्रावधान, यहाँ देखें पूरी डिटेल...

Bike Taxy :

 

नया भारत डेस्क : आप जो बाइक टैक्सी लेते हैं, वह कानूनी तौर पर सही है या नहीं इस पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कानूनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय ने गुरुवार को इसको क्लियर करते हुए बताया कि मोटरसाइकिल या बाइक मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत ‘कॉन्ट्रैक्ट कैरिज’ की परिभाषा में आती हैं। भाषा की खबर के मुताबिक, मोटर वाहन अधिनियम के हिसाब से,बाइक एक विशिष्ट समझौते के तहत यात्रियों को किराये पर ले जाने वाला वाहन है। यानी मंत्रालय की तरफ से बाइक टैक्सी को कानूनन सही बताया गया है। (Bike Taxy)

क्या है प्रावधान 

खबर के मुताबिक, मंत्रालय ने बाइक टैक्सी (Bike taxis) पर राज्यों को जारी एक सलाह में कहा है कि कुछ राज्य और केंद्रशासित प्रदेश (States and Union Territories) परमिट के लिए दाखिल एप्लीकेशन पर कार्रवाई करते समय मोटरसाइकिल को ‘कॉन्ट्रैक्ट कैरिज’ (Contract Carriage)होने को लेकर विचार कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 2(28) के मुताबिक 25 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाले चार पहियों से छोटे वाहन भी मोटर वाहनों की परिभाषा में आते हैं। यानी मोटरसाइकिल भी अधिनियम की धारा 2(7) के तहत इस दायरे में आएंगी। (Bike Taxy)

एप्लीकेशन स्वीकार करने की सलाह

कॉन्ट्रैक्ट कैरिज समझौते का मतलब किसी रूट पर या उसके बगैर उस वाहन को दूरी या समय के आधार पर एक निश्चित कीमत पर किराये पर लेना है। इस स्थिति में मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दिया है कि वे मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के प्रावधानों के मुताबिक मोटरसाइकिलों के लिए कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट (Contract Carriage Permit) के लिए एप्लीकेशन स्वीकार करें और उन पर कार्रवाई करें। भारत में ओला, ऊबर, रैपिडो जैसी ऐप बेस्ड कंपनियां शहरों में बाइक टैक्सी की सर्विस उपलब्ध कराती हैं। इसका मार्केट भी भारत में लगातार बढ़ रहा है। इस सर्विस ने शहरों में रोजगार को भी बढ़ावा देने में अहम योगदान दे रहे हैं। (Bike Taxy)