'ढाई-ढाई साल का मुद्दा उनके लिए होगा, मेरे लिए नहीं'.... CG कांग्रेस प्रभारी पुनिया का बड़ा बयान.... ढाई-ढाई साल का मुख्यमंत्री हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं.... प्रभारी मंत्री जिलों में जाएं तो कांग्रेस दफ्तर जरूर जाएं.....

'ढाई-ढाई साल का मुद्दा उनके लिए होगा, मेरे लिए नहीं'.... CG कांग्रेस प्रभारी पुनिया का बड़ा बयान.... ढाई-ढाई साल का मुख्यमंत्री हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं.... प्रभारी मंत्री जिलों में जाएं तो कांग्रेस दफ्तर जरूर जाएं.....

रायपुर 14 अक्टूबर 2021। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की बैठक राजीव भवन में प्रभारी पी.एल. पुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रभारी सचिव चंदन यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के पश्चात प्रदेश प्रभारी PL पुनिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बैठक में मुख्य रूप से सत्ता , संगठन और विधायकों के बीच सामंजस्य बिठाने को लेकर चर्चा हुई। इस के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में लगातार हो रही अनबन को लेकर कहा कि उनकी समस्याओं पर भी चर्चा हुई है आखिर क्या उन्हें समस्याएं आ रहीं है। 

ढाई ढाई साल के सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं है। ये उनके लिए होगा। बैठक में बूथ प्रबंधन और आपसी सामंजस्य को लेकर भी चर्चा की गई। प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए क्या ट्रेनिंग करें। उसके बाद क्या ट्रेनिंग प्रोग्राम किया जाए और बूथ प्रबंधन के लिए अलग से एक व्यवस्था बनाई हुई है। विधायक और संगठन के बीच में सामंजस्य स्थापित करने के बारे में कुछ के बारे में चर्चा हुई। लगभग हर विषयों पर चर्चा हुई जिससे कि पार्टी को मजबूत कर सके। 

आज बैठक में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया के द्वारा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को भी अनुमोदन किया गया। विधायकों की अनुशासनहीनता के संबंध में पूछे गए सवाल पर पुनिया ने कहा कि विधायकों के बयान से जनता को कोई फर्क नहीं पड़ता है। पुनिया ने यहां तक कह दिया कि हर बयान को संज्ञान में लिया जाए या नोटिस जारी किया जाए, यह जरूरी नहीं है। इस तरह यह भी स्पष्ट हो गया कि कुछ विधायकों द्वारा मंत्रियों के खिलाफ बयान और दिल्ली दौरे पर कोई कार्रवाई नहीं होने वाली है।


उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री जब भी जिलों में जाये, जिला कांग्रेस कार्यालय जरूर जायें तथा कार्यकर्ताओं से मिले यह सुनिश्चित हो। प्रभारी अपने प्रभार जिलों में महीने में 15 दिन दौरा करें। सरकार के कामकाज निर्णय का प्रचार होना चाहिये। उन्होंने कहा कि संगठन के पुराने पदाधिकारियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाये। निकाय और पंचायत के निर्वाचित पदाधिकारियों की संगठन में भागीदारी की समीक्षा हो।