यूपी 2022 बीजेपी योगी सरकार मे एक मुस्लिम नये चेहरे 32 वर्षीय दानिश आजाद अंसारी जो सीएम योगी के लिए 100℅ फिट।
A Muslim new face in UP 2022 BJP Yogi Sarkar is 32-year-old Danish Azad Ansari who is 100℅ fit for CM Yogi.




NBL, 26/03/2022, Lokeshwer Prasad Verma,... योगी 2.0 सरकार के कई चेहरे चौंकाते हैं। इनमें सबसे चौंकाने वाला चेहरा मोहसिन रजा की जगह पार्टी का नया मुस्लिम चेहरा बनाए गए 32 वर्षीय दानिश आजाद अंसारी हैं। विद्यार्थी परिषद से राजनीति शुरू करने वाले और संघ के विचारों का मुसलमानों में प्रचार-प्रसार करने वाले दानिश फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं, पढ़े विस्तार से...।
बावजूद इसके उन्हें योगी सरकार का नया मुस्लिम चेहरा बनाया गया है।
दरअसल भाजपा को इस बार मुस्लिम चेहरे के रूप में ऐसे व्यक्ति की तलाश थी जो बाहरी न होकर खांटी अपना हो। मातृ संस्था संघ से जुड़ाव के साथ ऐसा चेहरा हो जिसके जरिये मुसलमानों के एक वर्ग को साधा जा सके। दानिश इस खांचे में फिट बैठे।
हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा को मुसलमानों के करीब 8 फीसदी मत मिलने का अनुमान लगाया गया है। आमतौर पर भाजपा को शिया मुसलमानों का साथ मिलता रहा है। मगर इस बार समर्थन करने वालों में मुख्यत: सरकारी योजना का लाभ हासिल करने वाले पसमांदा मुसलमान हैं। यूपी के मुसलमानों में पसमांदा मुसलमानों की तादाद सबसे बड़ी है। दानिश इसी बिरादरी से आते हैं। दूसरी ओर मोहसिन रजा शिया हैं और खांटी भाजपाई नहीं रहे हैं।
काम आया दानिश का मातृ संस्था से जुड़ाव
बलिया जिले के दानिश युवा हैं। शुरू से भाजपा से जुड़े रहे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय में विद्यार्थी परिषद के जरिये राजनीति की शुरुआत करने वाले दानिश तब संघ की पसंद बने, जब उन्होंने संस्था के विचारों का मुसलमानों में प्रचार-प्रसार शुरू किया। दानिश को संघ के अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार के साथ का लाभ मिला।
इंद्रेश ने ही पहले संघ-फिर भाजपा का ध्यान दानिश की ओर खींचा। फिर उन्हें राज्य अल्पसंख्यक मोर्चा में महासचिव की जिम्मेदारी मिली।
अब महिला चेहरे की तलाश
मिशन 2024 के तहत भाजपा पसमांदा मुसलमान और मुस्लिम महिलाओं को साधना चाहती है। यूपी की मुस्लिम राजनीति में सवर्ण जातियां हावी हैं। हालिया चुनाव के नतीजे के बाद भाजपा को उम्मीद है कि मेहनत करने पर उसकी पैठ इन दो वर्गों में हो सकती है। पसमांदा मुसलमानों को साधने के लिए दानिश मिल गए। अब पार्टी की निगाहें किसी जुझारू महिला शख्सियत पर है, जिसके जरिये मुस्लिम महिलाओं को साधा जा सके।