नक्सल मोर्चे पर तैनात 28 जवान हुए फूड प्वॉइजनिंग के शिकार...सीआरपीएफ के फील्ड हॉस्पिटल में उपचार के बाद सभी स्वस्थ




सुकमा. सुकमा जिले में सीआरपीएफ के 28 जवान फूड प्वॉइजनिंग का शिकार हो गए हैं। सभी जवान सीआरपीएफ की 150वीं बटालियन के 'सी' कंपनी में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि गुरुवार की रात कैंप में खाना खाने के बाद एकाएक अधिकांश जवानों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई थी। जवानों के पेट में दर्द, उल्टी जैसे लक्षण दिखने लगे, जिसके बाद सभी जवानों को सीआरपीएफ के फील्ड अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां सभी 28 जवानों का उपचार चल रहा है। मामला चिंतागुफा थाना क्षेत्र का है।
सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित चिंतागुफा सुरक्षाकैंप के अंदर नक्सल मोर्चे पर तैनात सीआरपीएफ के 28 जवान फूड प्वॉइजनिंग के शिकार हुए हैं। कल दोपहर के खाने के बाद कई जवानों में तबीयत बिगड़ने की शिकायतें सामने आने लगी धीरे-धीरे यह आंकड़ा बढ़ता चला गया और तकरीबन 28 जवान बीमार पड़ गए। मामला सामने आने के बाद जांच में फूड प्वॉइजनिंग पाया गया। जिसके बाद उन्हें फील्ड हॉस्पिटल में हॉस्पिटलाइज किया गया। कुछ ही घंटों में 16 जवानों को उपचार कर डिस्चार्ज कर दिया गया और 12 जवान भी फिलहाल सीआरपीएफ के फिल्म हॉस्पिटल में उपचार करवा रहे हैं।
दिए गए जांच के निर्देश
मिली जानकारी अनुसार फूड प्वॉइजनिंग का कारण पुराने सरसों के तेल का खाने में उपयोग करना संभावित बताया जा रहा है हालांकि बटालियन के कमांडेंट राजेश यादव ने इस पूरे मामले पर जांच के निर्देश दिए हैं ताकि किसी तरह की लापरवाही आगे ना हो । राजेश यादव ने बताया की कल दोपहर का यह पूरा मामला है जहां फूड प्वॉइजनिंग के शिकार 28 जवान हुए जिनमें 16 जवान कुछ ही देर में डिस्चार्ज कर लिए गए अन्य 12 जवान भी आज दोपहर तक स्वस्थ कर डिस्चार्ज कर दिए जाएंगे मेस में एक ही प्रकार के डिब्बे रखे हुए थे इनमें से एक डिब्बे में पुराना सरसों का तेल अलग कर दिया गया था लेकिन मेस के कर्मियों में से किसी ने धोखे से डिब्बे एक जगह कर दिए इस वजह से खाना बनाते वक्त रसोईए से धोखा हो गया हालांकि इस तरह की लापरवाही दोबारा ना दोहराई जाए इसके लिए जांच के निर्देश दिए गए हैं।