श्री सीमेंट सयंत्र मे मजूदरों की हड़ताल- श्री सीमेंट पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप......कई दौर की त्रिपक्षीय बैठकें असफल होने के बाद मजदूर संघ हड़ताल के लिए हुए बाध्य.......सीमेंट सयंत्र ने मजदूरों के जायज मांगों को मानने से किया इंकार...बाहरी मजदूर बुला कर प्रबंधन कर रहा हैं सयंत्र का संचालन




Workers' strike at Shree Cement Plant - Allegations of breach of promise on Shree Cement,After several rounds of tripartite meetings, the trade unions were forced to strike. The cement plant forced the workers to strike. Refusal to accept legitimate demands... Calling outside laborers and managing the plant
संयंत्र की वादखिलाफी- वेज बोर्ड लागू करने से दो टूक किया इंकार
बलौदाबाजार(देवेश साहू):- श्री रायपुर सीमेंट प्लांट खपराडीह मे मजदूर यूनियन छत्तीसगढ़ श्री मजदूर सीमेंट संघ इंटक कई मांगों को लेकर 21 अप्रैल से बेमुद्दत हड़ताल पर हैं, मजदूर यूनियन ने श्री रायपुर सीमेंट प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर कहां है वेज बोर्ड लागू करने, 20 परसेंट बोनस देने, पैकिंग प्लांट में कार्यरत मजदूरो को माह में 26 हाजरी तथा यूनियन पदाधिकारी से मारपीट करने वाले ठेकेदार का काम बंद करने के संबंध मे अपनी मांगों को लेकर काम बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं।
इंटक यूनियन ने काम बंद हड़ताल की सूचना केंद्र उप श्रम आयुक्त, कलेक्टर बलौदाबाजार, श्री रायपुर सीमेंट प्लांट के एमडी, जिला पुलिस एवं सभी प्रशासनिक अधिकारी को इसकी सूचना दे दी गई हैं संघ के पदाधिकारियों ने बताया की मांग के संबंध में 21 जनवरी को ही प्रबंधक को ज्ञापन दे दिया था प्रदेश में केंद्रीय मुख्य श्रम आयुक्त के कार्यालय में कई बार त्रिपक्षीय बैठक हुई परंतु प्रबंधक के असहयोगात्मक रवैया के कारण कोई भी सकारात्मक समाधान नहीं निकल पाया है उसके बाद भी श्रम आयुक्त ने प्रबंधक को यूनियन के साथ बैठकर चर्चा करने की सलाह दी परंतु श्री सीमेंट प्रबंधक उस पर न विचार किया ना ही मांग पर ध्यान दिया गया। यह हड़ताल 15 अप्रैल को होना था लेकिन केंद्रीय उप श्रमायुक्त के निर्देशानुसार द्विपक्षीय बैठक 14 अप्रेल को हुआ बावजूद इसके सकारात्मक निर्णय न आने के कारण मजदूर इस कदम के लिए बाध्य हुए है।
मजदूरों का हो रहा आर्थिक शोषण
मजदूरों ने बताया की श्री सीमेंट सयंत्र मे उनका आर्थिक शोषण हो रहा हैं, जिले मे बहुराष्ट्रीय स्तर की 6 सीमेंट सयंत्र हैं जिसमे से 4 सीमेंट सयंत्र मे सीमेंट मजदूर वेज बोर्ड की अनुसंशा के अनुसार मजदूरी दी जा रहीं हैं, श्री सीमेंट सयंत्र के ही समकालीन ग्राम रिसदा स्थित सयंत्र मे भी मजदूरी यहाँ से दुगुनी से भी ज्यादा दी जा रहीं हैं, जिस तकनीकी कार्य के लिए श्री सीमेंट के मजदूर को 10 हजार रुपये महीना मजदूरी मिलती हैं उसी कार्य के लिए रिसदा स्थित सयंत्र मे 25 हजार रुपये मिलते हैं, वेज बोर्ड देने वाले बाकी 4 सयंत्रों मे मजदूरी और भी ज्यादा हैं।
श्री सीमेंट में मिल रहा न्यूनतम मजदूरी दर
श्री सीमेंट सयंत्र के द्वारा वर्तमान मे मजदूरों को छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा निर्धारित की गई "न्यूनतम मजदूरी दर" दी जा रही हैं जो सामान्य परिस्थितियों मे दी जाती हैं, हमारे आस पास सामान्य कार्यरत मजदूर जैसे खेतिहर, गृह निर्माण, कुटीर उद्योगों इत्यादि के लिए ये उचित शासकीय दर हैं परंतु सीमेंट सयंत्र मे काम करने वाले मजदूरों के लिए ये मजदूरी उचित नहीं हैं, सयंत्र एक अतिसंवेदनशील दुर्घटना जन्य स्थान हैं यहाँ एक छोटी सी चूक से भी बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती हैं, संयंत्र में थोड़ी सी चूक मानव जीवन के खतरनाक साबित हो सकती हैं, सयंत्र मे कार्य करने वाले मजदूरों की औसत आयु भी सामान्य कार्य करने वाले मजदूरों से सालों कम हो जाती हैं, संयंत्र के मजदूरों मे बहरापन एवं साँस लेने मे तकलीफ की बीमारी घर कर जाती हैं एवं नियमित 10 घंटे से भी ज्यादा समय तक अत्यधिक शोर एवं ध्वनि प्रदूषण मे रहने के कारण मानसिक तनाव बना रहता हैं जिसके फलस्वरूप परिवारिक एवं सामाजिक जीवन प्रभावित होता हैं।
मजदूरों ने प्रबंधन पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप
21 अप्रैल शाम को श्री सीमेंट प्रबंधन जिला प्रशासन एवं मजदूर संघ के मध्य खुले मे हो रही चर्चा मे मजदूरों ने यूनिट हेड रवि तिवारी को ग्राम चंडी मे सीमेंट सयंत्र तीसरी इकाई विस्तारीकरण हेतु आयोजित की गई पर्यावरण जनसुनवाई मे किये गए वेज बोर्ड लागू करने के वादे को याद दिलाया,,, जिसे सुन कर संयंत्र यूनिट हेड रवि तिवारी मजदूरों पर भड़क गए और ऐसे किये गए किसी भी वादे से साफ इंकार कर दिया,,, गौरतलब हैं की 8 वर्ष पूर्व सयंत्र स्थापना के समय प्रबंधन ने स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों को रोजगार एवं विकास का वादा कर उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया था, संयंत्र मे कार्य कर रहे ज्यादातर मजदूर वही किसान या उनके परिवारजन हैं जिनकी जमीनों पर सीमेंट सयंत्र एवं खदानें स्थापित हैं।
इनका कहना है
टी.आर.माहेश्वरी
एसडीएम-सिमगा
मजदूरों की बैठक में अभी कोई निर्णय नही हुआ लेकिन मैनेजमेन्ट व मजदूरों के बीच समझौता वार्ता चल रही है। एक दौर की बात हो चुकी है दूसरे दौर की और बात होगी, प्रबंधन के उच्च अधिकारियों से बात कर मजदूरों की मांगो पर विचार करने की बात स्थानीय संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों ने कहा है।
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दिलीप कुमार वर्मा
अध्यक्ष-मजदूर संघ(इंटक)
हमारे जिले में अन्य और पांच सीमेंट संयंत्र है वहां मजदूरों की तनख्वाह 25 से 30 हजार है जबकि श्री सीमेंट में तीन यूनिट होने के बावजूद केवल 10 से 15 हजार मजदूरों को दिया जाता है। किसी भी रूल का पालन नही किया जाता केवल मजदूरों का शोषण किया जाता है। संयंत्र प्रबंधक रवि तिवारी ने तीसरे यूनिट के जनसुनवाई में वादा किया था कि तीसरे यूनिट की शुरुआत होने के बाद मजबूर वेज बोर्ड लागू करेंगें लेकिन अब उनके द्वारा वादाखिलाफी किया जा रहा है। आज केवल चर्चा हुआ है मांग पूरी नही होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
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हेमू वर्मा
मजदूर
बढ़ती महंगाई में 12-15 हजार कमा कर परिवार का पेट पालना मुश्किल है। कर्ज लेकर जीवन चलाना पड़ रहा है।