VIDEO शहीद विप्लव को अंतिम विदाई : शहादत को सलाम….जवानों के कंधे पर आए , तिरंगे में लिपटे शव के पास बिलखती मां ने बेटे को कहा “जय हिंद साहब”……जांबाज बेटे को मां की ऐसी विदाई पर रो पड़ा पूरा शहर….पत्रकार पिता ने भी किया अपने लाल को सलाम…छोटे भाई लेफ्टिनेंट कर्नल अनय ने दी मुखाग्नि……देखे फ़ोटो और विडियो……




डेस्क : उग्रवादी हमले में शहीद हुए कमांडेंट विप्लव त्रिपाठी, उनकी पत्नी और बेटे को सोमवार को अंतिम विदाई दे दी गई। उनका अंतिम संस्कार रायगढ़ के सर्किट हाउस स्थित मुक्ति धाम में हुआ। वहां शहीद विप्लव के छोटे भाई लेफ्टिनेंट कर्नल अनय त्रिपाठी ने उनको और अपनी भाभी अनुजा शुक्ला को मुखाग्नि दी। इससे पहले जब सेना के जवानों के साथ अनय ने भी बड़े भाई को सैल्यूट किया तो सबकी आंखें नम हो गई। वहीं असम राइफल्स के जवानों ने अपने कमांडेंट को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
मणिपुर में शनिवार को हुए चरमपंथियों के हमले में असम राइफल्स के पांच जवान शहीद हो गए. मारे जाने वाले में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लाल कर्नल विप्लव त्रिपाठी भी शामिल थे. इनके साथ दो और जिंदगियां खत्म हो गई. एक उनकी पत्नी अनुजा त्रिपाठी और दूसरा उनका 8 साल का बेटा अबीर. जिसने अभी जिंदगी देखनी शुरू की थी, जिसे अभी आसमान को छूना था. लेकिन एक बच्चे को मारने में चरमपंथियों का दिल नहीं पसीजा। शनिवार का मनहूस दिन सुबह के 11.30 बजे 46 असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी के काफिले पर हमला किया गया. जिस समय ये हमला हुआ, उस वक्त कर्नल त्रिपाठी अपने परिवार के साथ लौट रहे थे. इस हमले के बाद कर्नल त्रिपाठी का परिवार शोक में डूबा है. उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि एक पूरा का पूरा परिवार देश सेवा के लिए बलिदान हो गया. कर्नल त्रिपाठी को देश सेवा की प्रेरणा अपने दादा से मिली।
8 के अबीर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि 8 साल के बच्चे के भीतर देश सेवा का जज्बा किस कदर हैं. इतने कठिन स्टंट करने में बड़ों के पसीनें से छूट जाते हैं, लेकिन नन्हा सा अबीर इसे आसानी से कर रहा है. अबीर की मौत के बाद से उसके स्कूल में भी शोक का माहौल है.
वायुसेना का प्लेन जिंदल एयरस्ट्रीप पर थमा, तो कुछ पल की खामोशी के बाद असम राइफल्स के जवान उतरे…कांधे पर कमांडर की तिरंगे में लिपटी ताबूत थी…पर सीना तना…मस्तक ऊंचा और बूट की मध्धिम आवाज ये अहसास करा रही थी…इस लाल का स्वागत करो…दशकों में किसी मां के कोख से ऐसा जांबाज जन्म लेता है… पिता की गोद में ऐसा फौलाद पलता है।
सबसे आगे की कर्नल विप्लव की ताबूत…फिर अंजुला की और उसके बाद मासूम अबीर…कौन था जिसकी आंखें डबडबायी नहीं थी… कौन था जिसका कलेजा मुंह को नहीं आ गया था…..फिर भी ना जाने वो कैसा अजब अहसास था, जो गर्व से सीना चौड़ा किये जा रहा था। शव को कांधा देने एसपी आये थे, कलेक्टर पहुंचे थे… मंत्री, नेता, सांसद सब आये थे….सभी के लब्ज सिले थे..और आंखे डबडबायी हुई थी। कालीन बिछी थी… फूल सजे थे…मालाएं बंधी थी… होती भी क्यों ना, सालों में कोई एक ऐसा जांबाज जो जन्म लेता है…दशकों में कोई जांबाज ऐसी शहादत जो पाता है…आज पूरा रायगढ़ फक्र कर रहा था विप्लव की शहादत पर… पूरा छत्तीसगढ़ गर्व कर रहा है इस वीर सपूत पर।
शनिवार की सुबह उग्रवादियों ने कर्नल विप्लव के काफिले पर हमला बोला, तो इस वीर ने एक पल भी जान की परवाह नहीं की…..गाड़ी से कूदकर मोर्चा संभाला, फायर खोला ही था कि कई गोलियां सीने में आ धंसी, लेकिन जब तक जान थी, लड़ता रहा और फिर वीरगति को पा गया। आज इस वीर को सलाम करने पूरा रायगढ़ उमड़ पड़ा था, एयरस्ट्रीप से लेकर शहीद के घर तक मानों लोगों की भीड़ टूट पड़ी थी। चप्पे-चप्पे पर नारे गूंज रहे थे…जब तक सूरज चांद रहेगा विप्लव तेरा नाम रहेगा… त्रिपाठी परिवार का ये बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान… विप्लव भैया अमर रहे। जुबान मानों थकने का मानों नाम ही नहीं ले रहा था… सेकंड भर की शांति नहीं होती की नारों से पूरा आसमान गूंजने लगता।
उनका परिवार शहर के प्रतिष्ठित परिवारों में शमिल है. जिसे पता चला, वह यह खबर सुनकर स्तब्ध रह गया. शनिवार दिन भर शोक जताने आने वालों का घर में तांता लगा रहा, लेकिन मां-बाप उनसे बात करने की हालत में भी नहीं थे.
ओडिशा की थीं पत्नी
शहीद विप्लव की 37 वर्षीय पत्नी अनुजा ओडिशा की रहने वाली थी. हमले के समय उनके साथ थीं. उग्रवादियों ने उनके काफिले पर तब घात लगाकर हमला किया, जब कर्नल रोजाना की तरह चेक पोस्ट का निरीक्षण करने निकले हुए थे. यह उनके रूटीन क हिस्सा था, लेकिन शनिवार को पत्नी और बेटा भी उनके साथ थे.
बेटे ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
सबसे पहले कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव की गाड़ियों के काफिले में आगे चल रही गाड़ी में ब्लास्ट हुआ. बीच वाली गाड़ी में वह खुद अपने परिवार के साथ बैठे हुए थे. ब्लास्ट के बाद दोनों बची हुई गाड़ियों पर उग्रवादियों ने गोलियों की बौछार कर दी. कर्नल विप्लव और उनकी पत्नी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. बेटा गंभीर रूप से घायल था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई,