राष्ट्रीय राज मार्ग की बदहाली की सुध लेने समाज सेवी गड्ढों को भरने सड़क पर उतरे...
To take care of the plight of the National Highway, social workers came on the road to fill the potholes.




To take care of the plight of the National Highway, social workers came on the road to fill the potholes.
कांकेर। कहते है किसी शहर व नगर की विकास की पहचान उस शहर की सड़कों को देखकर किया जाता है किंतु कांकेर जिला मुख्यालय का राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों अपनी दुर्दशा को कुछ इस तरह बया कर रहा है कि अब विभाग व शासन-प्रशासन की उदासीनता को देखते हुए समाजसेवी ही सड़क के गड्ढों पर क्रांकीट डाल राहगीरों को राहत देने की कोशिश कर रहे है।
ज्ञात हो कि यह सड़क शहर व राहगीरों के लिए हमेशा से परेशानी का सबब रहा है पिछली बार तो इस सड़क की बदहाली को लेकर नुक्कड़ नाटक व बैंड बाजा तक बजा कर शासन प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया जा चुका है।
रविवार की सुबह शहर के लोग यह देखकर आश्चर्य में पड़ गए कि लंबे अरसे से उपेक्षित पड़े नेशनल हाईवे 30 के बड़े-बड़े गड्ढों को सीमेंट कांक्रीट से पाटने का कार्य प्रख्यात समाज सेवी संस्था जन सहयोग के नौजवान समाज सेवक सदस्यों द्वारा किया जा रहा है। इन गड्ढों के कारण अनेक स्कूली बच्चों बुजुर्गों तथा महिलाओं का सड़क दुर्घटना नेशनल हाईवे में हो चुका है और यह स्थिति लंबे अरसे से जारी थी, जिसके लिए नागरिकों द्वारा अनेक मौखिक शिकायतें संबंधित विभागों से की जा चुकी थीं। अनेक शिकायतों के बावजूद शासन प्रशासन द्वारा टालमटोल तथा उपेक्षा की नीति अपनाई जाने के कारण गड्ढों की समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा सका था।
जिससे निराश होकर आम जनता के प्रबुद्ध वर्ग द्वारा जन सहयोग समाज सेवी संस्था से अपीलें की जा रही थीं। नागरिकों की समस्या तथा गड्ढों के घातकता को मद्देनज़र रखकर जन सहयोग संस्था ने आज अपने निरंतर चल रहे स्वच्छता अभियान को अस्थायी तौर पर रोक कर सदस्यों के बहुमत से गड्ढों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए रविवार की सुबह से ही सीमेंट कंक्रीट जैसे ठोस उपायों से गड्ढों की मरम्मत दूध नदी के पुराने पुल के किनारे से शुरू कर दी गई और उत्साह पूर्वक आगे बढ़ते हुए कांकेर की डिस्ट्रिक्ट जेल के समक्ष स्थित एक लंबे क्षेत्र के अनेक छोटे बड़े गड्ढों की मरम्मत कर दी गई, जिसे देखकर कांकेर की जनता को सुखद आश्चर्य हुआ । कार्य में अनेक घंटे लगे, क्योंकि नेशनल हाईवे होने के कारण राजमार्ग पर अनेक छोटे-बड़े वाहनों का आना जाना होता रहता है किंतु बीच-बीच में छोटी-छोटी समय अवधियाँ
निकालते हुए भी सुधार कार्य जारी रहा ।
जन सहयोग के सदस्य जोखिम उठाकर भी अपने काम में उत्साह पूर्वक लगे रहे, क्योंकि संस्था का स्पष्ट मत है कि अधिकारी कर्मचारी आज हैं, कल ट्रांसफर पर चले जाएंगे ,उन्हें कांकेर से कोई मोह नहीं लेकिन हमें तो यहीं रहना है , इसलिए अपने शहर को सुंदर रखने तथा गड्ढों के एक्सीडेंट से बचाने का कर्तव्य हमारा है। आज पूरे दूध नदी पुल तथा यहां से लेकर जिला जेल तक नेशनल हाईवे पर जितने भी खतरनाक गड्ढे थे, सब पाट दिए गए हैं।
आगे शासन यह कार्य करें, चाहे मत करें, हम लोग अपने शहर के लिए जान की बाजी लगाकर भी नेशनल हाईवे का सुधार कार्य करते रहेंगे। अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के इस संक्षिप्त वक्तव्य के पश्चात आगामी कार्यक्रमों के लिए उत्साहित मन से समाज सेवकों ने प्रस्थान किया, जिनमें राजेश चौहान, धर्मेंद्र देव, बल्लू राम यादव, संजय मंशानी ,करण नेताम ,संत कुमार रजक, दिनेश मोटवानी ,प्रमोद सिंह ठाकुर, शैलेंद्र देहारी,दिव्यांग भूपेंद्र यादव, पिंटू महाराज, रोहित यादव आदि प्रमुख थे।