*सुकमा जिले में मनरेगा के माध्यम से मई माह में 6 लाख 66 हजार मानव दिवस के रोजगार का लक्ष्य* *7 लाख 36 हजार मानव दिवस का हो चुका है रोजगार सृजन* *मनरेगा के माध्यम से लॉक डाउन में दिया जा रहा ग्रामीणों को रोजगार*
कोरोना संकट से निपटने के लिए लगाए गए लॉक डाउन के दौरान ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने में मनरेगा बहुत अधिक सहायक सिद्ध हो रही है। सुकमा जिले में मनरेगा के माध्यम से तालाब, डबरी, भूमि समतलीकरण, रिचार्ज पिट, सीसी सड़क निर्माण और कुआं खनन पर विशेष जोर दिया जा रहा है




*सुकमा 25 मई 2021/* कोरोना संकट से निपटने के लिए लगाए गए लॉक डाउन के दौरान ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने में मनरेगा बहुत अधिक सहायक सिद्ध हो रही है। सुकमा जिले में मनरेगा के माध्यम से तालाब, डबरी, भूमि समतलीकरण, रिचार्ज पिट, सीसी सड़क निर्माण और कुआं खनन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मई माह में सुकमा जिले में 06 लाख 66 हजार 871 मानव दिवस के रोजगार का लक्ष्य रखा गया था जिसके विरुद्ध 110 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति कर 07 लाख 36 हजार 738 मानव दिवस का रोजगार दिया जा चुका है।
विकासखण्ड सुकमा में 02 लाख 03 हजार 396 मानव दिवस के लक्ष्य के विरुद्ध 01 लाख 54 हजार 981 मानव दिवस का सृजन किया गया। इसी प्रकार विकासखण्ड छिन्दगढ़ में 02 लाख 76 हजार 751 दिवस के लक्ष्य के विरुद्ध 03 लाख 34 हजार 122 मानव दिवस का सृजन किया गया हैं और विकासखण्ड कोण्टा में प्राप्त 01 लाख 86 हजार 724 मानव दिवस के लक्ष्य के विरुद्ध 02 लाख 47 हजार 635 मानव दिवस का रोजगार प्रदान किया गया।
कोरोना काल में मनरेगा ही ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने का साधन है जिससे ग्रामीण जनों को इस कठिन समय में सहायता मिल रही है। जिले में कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए मनरेगा के कार्य संपादित किये जा रहें हैं।