CG:ऐकैडमिक वर्ल्ड स्कूल बेमेतरा में बड़े ही उत्साह के साथ दादा-दादी दिवस मनाया गया.. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संचालिका व विधायक भावना बोहरा

CG:ऐकैडमिक वर्ल्ड स्कूल बेमेतरा में बड़े ही उत्साह के साथ दादा-दादी दिवस मनाया गया.. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संचालिका व विधायक भावना बोहरा
CG:ऐकैडमिक वर्ल्ड स्कूल बेमेतरा में बड़े ही उत्साह के साथ दादा-दादी दिवस मनाया गया.. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संचालिका व विधायक भावना बोहरा

संजू.जैन:7000885784
बेमेतरा:ऐकैडमिक वर्ल्ड स्कूल में दादा-दादी का परम्परागत तरीके से स्वागत किया गया। आज की सभा में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय संचालिका एवं पंडरिया विधायक श्रीमति भावना बोहरा रहीं। विद्यालय प्रबंधन से  विनीत राजोरिया, विद्यालय प्राचार्य  पंकज जोशी एवं श्रीमति गायत्री कसेरा भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। 

ऐकैडमिक वल्र्ड स्कूल में दादा-दादी दिवस रेलेशिंग द चाइल्ड हुड थीम पर मनाया गया। तथा इस कार्यक्रम को रोचक और मनोरंजक बनाने के लिए विविध प्रकार के आकर्षक खेलों का आयोजन किया गया। दादा-दादियों ने अपने खिलते हुए नन्हें फूलों के समान पोते-पोतियों के साथ बड़े ही मनमोहक तथा मनोरंजक कार्यक्रम में भाग लिए। उस समय का दृश्य ऐसा प्रतित हो रहा था मानो दादा-दादी भी छोटे बच्चे बन गए हो। कार्यक्रम की शुरूआत विद्या की देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा के माल्यार्पण तथा द्वीप प्रज्वलन व गणेश वंदना से की गई। जिसमें दादा-दादी तथा विद्यालय के प्रमुख पदाधिकारीगण उपस्थित थे। तत् पश्चात कार्यक्रम की सुरूआत विद्यालय संचालिका एवं पंडरिया विधायक श्रीमति भावना बोहरा एवं विद्यालय प्राचार्य  पंकज जोशी के उद्बोधन से हुआ। श्रीमति भावना बोहरा ने कार्यक्रम में आए सभी दादा-दादी एवं नाना-नानी से कहा कि मेरा बचपन बेमेतरा में ही गुजरा है और आज के इस कार्यक्रम में आए अधिकतर दादा-दादी एवं नाना-नानी से मेरा बचपन का नाता रहा है और समय-समय पर आप सभी का आशीर्वाद भी मुझे मिलता रहा है। दादा-दादी एवं नाना नानी का योगदान किसी भी बच्चे के जीवन में बहुमूल्य होता है। बचपन में सुरूआती शिक्षा किसी भी बच्चों को दादा दादी एवं नाना-नानी से ही मिलती है।

इसके बाद दादा-दादियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थिति में शिक्षा की गुणवत्ता अतिआवश्यक है और यह समाज के विकास के लिए भी अहम् है। उद्बोधन पश्चात ऐकैडमिक वल्र्ड स्कूल की शिक्षिकाओं द्वारा विविध खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें दादा-दादी अपने पोते-पोतियों के साथ सभी मनोरंजक खेलों में अभिरूचि दिखाए। कार्यक्रम में कक्षा नर्सरी से दूसरी तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया एवं कार्यक्रम में मौजूद दादा-दादी एवं नाना-नानी के समक्ष रंगारंग प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केन्द्र बच्चों के द्वारा डांस और ड्रामा था। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केन्द्र कक्षा पहली एवं कक्षा दूसरी के छात्रों द्वारा कृष्ण लीला रहा। जिसे सभा में उपस्थित सभी अतिथियों ने खूब सराहा। इसके बाद दादा-दादी एवं नाना-नानी ने अपने पोते-पोतियों के साथ सभी खेलों का आनंद उठाया। 
इन प्रमुख खेलों में जैसे-
1. सेव और बैलून
2. हेड सोल्डर गेम
3. रेडी फार स्कूल
4. चलो कुछ गुनगुनाएं
5. हम्टि-डम्टि गेम
6. जूम्बा - मूव एंड ग्रूव
7. ग्रेंड पैरेंट्स टाॅक
मुख्य पुरूस्कार के रूप में - 
श्रीमति माधुरी गुप्ता
श्रीमति गीता भारती
श्रीमति नीमा देवी
श्री मोहन और श्रीमति मीना
श्री बलवन साहू
श्री तनरजीत
श्री लक्ष्मरण प्रसाद
श्रीमति मधु
श्रीमति प्रेमलता राजपूत
श्रीमति मंजीत कौर
श्री लालचंद संतवानी और श्रीमति लता संतवानी
श्री जयकिशन गांधी और मास्टर जय गांधी
श्रीमति शुखवानी
श्रीमति संतिइनुसुईया
कार्यक्रम में प्रथम आगमन - श्रीलालचद संतवानी और श्रीमति लता संतवानी
प्रथम स्थान ( सेव और बैलून ) - श्रीमती माधुरी गुप्ता विजेता रहे। 
प्रथम स्थान (रेडी फार स्कूल) - श्री श्रीवास और श्रीमति विमला
प्रथम स्थान ( हम्टि-डम्टि गेम ) - श्रीमति मंजीत कौर और श्रीमति मिश्रा
बेस्ट लूक अ लाइक - श्री जयकिशन गांधी और मास्टर जय गांधी विजेता रहे।
मोस्ट एनरजेटिक- श्रीमति सुखवानी
बेस्ट हेयर डू - श्रीमति सति अनुसुईया अधिकतर अभिभावकों ने विद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस विद्यालय में विद्यार्थी के सर्वांगिण विकास के लिए बचपन से ही जो संस्कार और शिक्षा दिए जा रहे हैं, वह अपने आप में सर्वश्रेष्ठ है।कार्यक्रम में 400 से अधिक दादा-दादी (पेरेन्ट्स) उपस्थित रहे। इस अवसर पर सहायक उप प्राचार्या श्रीमती गायत्री कसेरा एवं प्रायमरी विंग की एकेडमिक कोआर्डिनेटर श्रीमति शमा गोस्वामी ने कार्यक्रम में उनकी भागीदारी और उपस्थित हेतु समस्त दादा-दादियों को धन्यवाद तथा आभार प्रकट किये। उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि समाज, परिवार तथा देश के निर्माण में दादा-दादियों का अमूल्य योगदान एक विशाल फलदार और छायादार वृक्ष की तरह होता है। वे अपने पोते-पोतियों का संरक्षण माली की तरह करते हैं, जिससे वे बड़े होकर एक आदर्श मनुष्य बनकर राष्ट्र को गौरवान्वित कर सकें।विद्यालय प्राचार्य श्री पंकज जोशी अपने उद्बोधन में कार्यक्रम में आए सभी अतिथिगण को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय में आपके आगमन से बच्चों एवं सम्पूर्ण विद्यालय में नई उर्जा का संचालन होता है।अंत में विद्यालय प्रबंधन ने कार्यक्रम  में पधारे सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।