राम भक्त, सनातनी हिंदू अपने भगवान श्री राम का नाम रोज लेते हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों के नेता राम का नाम लेने से बचते हैं, वे भी आज श्री राम कह रहे हैं, यही राम राज्य की स्थापना है।

Ram devotees, Sanatani Hindus take

राम भक्त, सनातनी हिंदू अपने भगवान श्री राम का नाम रोज लेते हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों के नेता राम का नाम लेने से बचते हैं, वे भी आज श्री राम कह रहे हैं, यही राम राज्य की स्थापना है।
राम भक्त, सनातनी हिंदू अपने भगवान श्री राम का नाम रोज लेते हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों के नेता राम का नाम लेने से बचते हैं, वे भी आज श्री राम कह रहे हैं, यही राम राज्य की स्थापना है।

NBL, 20/01/2024, Lokeshwar Prasad Verma Raipur CG: Ram devotees, Sanatani Hindus take the name of their Lord Shri Ram daily, but leaders of some political parties avoid taking the name of Ram, they are also saying Shri Ram today, this is the establishment of Ram Rajya. पढ़े विस्तार से... 

सनातनी हिंदुओं ने अपने आराध्य श्री राम प्रभु जी को न्याय दिलाने के लिए 500 वर्षों के कठिन संघर्ष के बाद देश के सर्वोच्च न्यायालय ने सभी साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद हिंदुओं और उनके आराध्य श्री राम जन्मभूमि अयोध्या के पक्ष में फैसला सुनाया। श्री राम मंदिर निर्माण का आदेश जारी कर भारत के सनातनी हिंदुओं और विदेशों में रहने वाले सनातनी हिंदू लोगों में नया उत्साह भर दिया कि अब हमारे भगवान श्री राम जी का मंदिर अयोध्या में बनेगा जहां भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ है और दुनिया के सनातनी हिंदू आज एक भावुक पल देख रहे हैं जो दुनिया के चारों दिशाओं में गुंजायमान हो रहा है जय श्री राम।

सबके राम है लेकिन आज राजनीतिक संग्राम क्यों है? जबकि श्री राम जी सबके दिलों में वास करते हैं और वास करने का मुख्य कारण है क्योंकि श्री राम प्रभु एक राज घराने के होते हुए भी अपने पिता और माँ के दिए गए वचनो को निभाया चौदह वर्ष वनवास वन गमन के लिए और अपने पैर पग खड़ाऊ को भी अपने प्रिय भक्त भ्राता भरत को दे दिया और खुले पैर चौदह साल तक वन गमन किया और पशु, पक्षी से लेकर सबरी और अहील्या को तार दिया और राक्षसों के आसुरी शक्ति के अतितायी से ऋषि मुनियों को छुटकारा दिलाया और सुग्रिव जैसे वानर कुल के साथ मित्रता की और बाली जैसे अतितायी का विनाश किया और बाली के भाई सुग्रिव के साथ न्याय की प्रभु श्रीराम जी ने अपनी प्रिय पत्नी सीता जी को ढूढने में सहयोग देने वाला अपने परम भक्त हनुमान जी को भरत के समान भाई कहाँ नल नील जैसे महाबलि का साथ लिया समुद्र में सेतु बनाने के लिए और अतितायी रावण के भाई विभिषन को अपने पास सम्मान पूर्वक स्थान दिया और अतितायी अतिबलशाली राक्षस रावण का वध कर रावण के भाई विभिषन को लंका का राजा बनाकर न्याय किया वह है हमारे श्रीीराम प्रभु। 

मै रावण महाज्ञानी राक्षस कुल के प्रभाव के कारण अतितायी महाअज्ञानी बन कर मै रावण भगवान श्री राम और उनके भाई लखन के हाथों अपने कुल के शक्तिशाली राक्षसों का विनाश करवाया और अपनी मृत्यु के समय मै रावण श्री राम जी को ही पुकारा था. मै रावण विदेशी भूमि का था, फिर भी मै मोक्ष दाता श्री राम प्रभु का नाम लेकर दुनिया के लोगों को संदेश दिया, राम नाम ही सार है, बाकी सब बेकार है, जिस पर श्री राम प्रभु की कृपा हो वह अमर है, मेरे जैसे अन्यायी अत्याचारी रावण को भी अपने चरणों में स्थान दिया मेरी मृत्यु के समय और आज भी मैं अमर हूं, मै रावण, एक अत्यंत ज्ञानी और अहंकारी व्यक्ति जिसका धन और बल श्री राम प्रभु के सामने नहीं टिक सका, फिर आप लोग तो तुच्छ मनुष्य हैं जो मेरे सामने चींटियों के समान हैं। 

मै रावण श्री राम प्रभु का विरोध किया यदि तुम मनुष्य विरोध करोगे, उसके शुभ नाम शुभ दिन का विरोध करोगे, तो मैं रावण खड़ा नहीं हो सका तो फिर तुम विरोधी कहां टिक पाओगे, तुम भोले नाथ के मंदिर में भी जाओ फिर भी नही बच पाओगे जब मैं रावण शिव का परम भक्त था, जिसे शिव स्वयं लंका भेज दिया मैंने श्री राम जी का विरोध किया तो मेरा क्या हश्र हुआ? आप भारत के राजनीति करने वाले नेता को पता है तुम देश के लोकतन्त्र के उपर टिके हुए है, उसके भक्त के शत्रुता भारी पड़ सकता है आप श्री राम विरोधी को श्री राम प्रभु से शत्रुता तो बहुत दूर की बात है।

सही मायने में राम राज्य का स्थापना भारत में अब देखने को मिल रहा है लंबे अंतराल के संघर्ष के बाद देश के संविधान मे भी श्री राम दरबार को स्थान दिया है क्योकि भारत पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र के बिना अधूरे है और सत्य निष्ठ मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम अपने आप को न्याय खुद से दिलवाया और यह जीत उनकी है जो श्री राम भक्त प्रभू श्रीराम के स्थान के लिए समर्पित और बलिदान हो गये ऐसे वीर सपूत सनातनी भाई, बहनो को सत् सत् नमन करता है भारत भूमि में रहने वाले सनातनी लोग जो धीरज धर कर अपने प्रभु श्रीराम जी को देश के संविधान के कानून के कानूनी प्रणाली के अनुसार न्याय दिलवाया और आज अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि में प्रभु श्रीराम का मंदीर बनकर उसमें श्री राम प्रभु के पाँच वर्षीय बाल स्वरूप का स्थापना 22/01/2024 को होने जा रहा है, जिसका हर्षोउल्लास भारत भूमि और विदेशी भूमि पर रहने वाले सनातनी हिंदुओ को है और इस स्थापना दिवस को छोटी दीपावली के रूप में मनाने जा रहे हैं। चारों दिशाओं में एक ही गुंज जय श्री राम जय श्री राम।

अयोध्या के श्री राम ट्रस्ट द्वारा देश के विपक्षी दलों के नेताओं को 22/01/2024 को श्री राम प्रभु के स्थापना दिवस के दिन का निमंत्रण दिया गया था जिसको विपक्षी दलों के नेता ठुकरा दिया कि यह श्री राम जन्म स्थापना दिवस बीजेपी पीएम नरेंद्र मोदी और आर एस एस की इवेंट है और पूरी तरह से राजनीतिक है इसलिए हम विपक्षी दलों के नेता 22/01/2024 को अयोध्या नही जा सकते और देश में तरह तरह की बाते कर देश के लोकतन्त्र को गुमराह कर रहे हैं विपक्षी दलों के नेताओं के द्वारा क्या यह संदेश देश के करोड़ो सनातन धर्म संस्कृति के सनातनी हिंदूओ के लिए संदेह पैदा नही कर रहा होगा जिनके बल पर चुनाव जीतते हैं, क्या इन विपक्षी दलों के नेताओं का विरोध करना अपने प्रभु श्रीराम का विरोध करने के जैसा नही लग रहा होगा जो पाँच सौ सालों के बाद अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि में प्रभु श्रीराम लला की भव्य मंदीर में श्री राम लला का दिव्य बाल स्वरूप मूर्ति स्थापना की जा रही है जिसके स्वागत करने के लिए करोड़ो सनातनी हिंदूओ की आस्था के रूप में देश दुनिया को दिख रही है।

जबकि विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा प्रतिदिन टीवी चैनलों और समाचार पत्रों के माध्यम से श्री राम प्रभु का नाम लिया जा रहा है, तो फिर श्री राम प्रभु के स्थापना दिवस का विरोध क्यों? जब आपको श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट अयोध्या ने सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया था तो आप विपक्षी दलों के नेताओं को सम्मानपूर्वक जाना चाहिए था, अब आप इस विरोध को राजनीतिक इवेंट कहकर खारिज कर रहे हैं तो आप उन करोड़ों सनातनी हिंदुओं के सामने कैसे जाएंगे वोट मांगने अगर उन्होंने आपको खारिज कर दिया तो आप नेेता कैसे बने रहेंगे क्योंकि आप उनकी आस्था के साथ खेल रहे हैं और इससे बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी को फायदा होगा. मैं इस बारे में 100% गारंटी के साथ बात कर रहा हूं। 

क्योंकि अब करोड़ों भारतीय सनातनी हिंदुओं को पता चल गया है इन विपक्षी दलों के नेताओं के माध्यम से भारत के अयोध्या में श्री राम जी का मंदिर कभी नहीं बन सकता था इन विपक्षी दलों के नेताओं के विरोध से पता चल रहा है और आज श्री राम मंदीर का बनने का श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और देश और विदेश में रहने वाले करोड़ों सनातनी हिंदू भाई-बहनों को जाते हैं जिनके सहयोग से अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर श्री राम प्रभु का भव्य मंदिर बन रहा है और 22/01/2024 को श्री राम लला के पांच वर्षीय बाल स्वरूप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी और वह भी भाजपा के शासनकाल में और वह भी सनातनी हिंदू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से। इसका फ़ायदा आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को इसका आशीर्वाद मिलेगा। संगीतकारों द्वारा भी गीत गाए जा रहे हैं, जो राम को लाये है हम उनको लाएंगे. जबकि विपक्षी दलों के नेता हर दिन श्री राम का नाम लेने के बावजूद भी अपना चुनावी स्टंट नहीं दिखा पाएंगे क्योंकि श्री राम का विरोध कर रहे है बीजेपी के राजनीतिक इवेंट बताकर और यही विरोध लंका पति रावण ने किया था और उनका सर्वनाश हो गया जबकि रावण अत्यंत ज्ञानी शक्तिशाली होने के साथ साथ एक शिव भक्त भी थे उसके बावजूद प्रभु श्री राम से शत्रुता कर ली जिसके कारण उसका सर्वनाश हो गया। यह एक न्यायोचित शब्द है जो प्रमाणित है और इतिहास स्वयं इसकी गवाही देता है। विपक्षी दलों के नेताओं के पास विनाश रूपी अंधकार विपरीत बुद्धि है, जो देश की बड़ी आबादी सनातन हिंदुओं के वोट खोने के कारण भारत में फिर से भाजपा का झंडा लहराएगा, यह श्री राम की कृपा होगी कि राम भक्त बीजेपी को अपना समर्थन देंगे. इसलिए श्री राम प्रभु की स्थापना के जश्न में विपक्षी दलों के नेताओं को निश्चित रूप से श्री राम जी की स्थापना के लिए अयोध्या जाना चाहिए था, जिसका फायदा लोकसभा चुनाव में उनके दलों के नेताओं को मिलता।