Obesity Side Effects : क्या मोटे लोगों को होता है हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा, जानिए क्या कहती है ये रिपोर्ट....
आज कल हार्ट से संबंधित बिमारियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। क्योंकि हार्ट संबंधित बीमारियां दुनियाभर में मृत्यु के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं जो कुल मौतों में से एक चौथाई मौतों के लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं।




रायपुर। आज कल हार्ट से संबंधित बिमारियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। क्योंकि हार्ट संबंधित बीमारियां दुनियाभर में मृत्यु के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं जो कुल मौतों में से एक चौथाई मौतों के लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं। आपको बता दें ऐसे कई कारक हैं जो हार्ट बीमारियों के जोखिम को बढ़ा देते हैं। इनमें हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लडप्रेशर भी शामिल हैं। ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन (बीएचएफ) के अनुसार एक फ्री टेस्ट बताया गया है जिसे घर पर ही करके पता लगाया जा सकता है कि आपको हृदय रोग का खतरा है या नहीं।
पहले समझिए, हार्ट अटैक क्या है?
मोटापे से हार्ट अटैक के लिंक को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि हार्ट अटैक होता क्यों है? जब हार्ट की मसल्स में ब्लड सप्लाई होना बंद हो जाता है। चूंकि ब्लड के माध्यम से पूरे शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई होती है। ऐसे में ब्डल सप्लाई बंद होेते ही पूरे शरीर को ऑक्सीजन सप्लाई होना बंद हो जाता है। इससे हार्ट के टिश्यू डेड होने लगते है। अन्य आर्गन भी फेल होना शुरू हो जाते है। आमतौर पर ब्लड सप्लाई में यह रुकावट हृदय की धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के निर्माण के कारण होती है। इसी को हार्ट अटैक कहा जाता है।
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन का कहना है कि आपकी कमर की गोलाई को मापने से आप हार्ट की बीमारी के जोखिम का पता लगा सकते हैं। अधिक वजन या मोटापा होने से हृदय रोग और डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है। आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) यह बताने का एक तरीका है कि आपका वजन अधिक है या आप मोटे हैं। आमतौर पर 25 या उससे अधिक के बीएमआई का मतलब है कि आपका वजन अधिक है और 30 या उससे अधिक के बीएमआई को मोटापे की श्रेणी में रखा जाता है।
ये है जिम्मेदार
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन का कहना है कि बीएमआई हार्ट की बीमारियों के जोखिम को कम करने का एकमात्र उपाय नहीं है। आपके शरीर के मध्य भाग के आसपास अधिक वजन होने या फैट जमने से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
आम तौर पर यदि किसी पुरुष की कमर 94 सेमी (37 इंच) से अधिक है या किसी महिला की कमर 80 सेमी (31½ इंच) से अधिक है तो उसे हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। सामान्य तौर पर शरीर की मिडिल बॉडी में एक्स्ट्रा वजन होने का मतलब है कि आपके शरीर में काफी अधिक विसरल फैट है। बीएचएफ का कहना है कि विसरल फैट आपके लीवर और अग्न्याशय जैसे अंगों के आसपास जमा होता है और काफी जिद्दी होता है।
विसरल फैट विषाक्त पदार्थों को बनाता है जो आपके शरीर के काम करने के तरीके को प्रभावित करता है। यह आपके शरीर के लिए इंसुलिन हार्मोन को उपयोग करना मुश्किल बना देते हैं जो ब्लड शुगर (चीनी) के स्तर को नियंत्रित करता है। इससे टाइप 2 डायबिटीज हो सकता है। ब्लड स्ट्रीम में बहुत अधिक ग्लूकोज आपकी धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है।
मोटापे का हार्ट अटैक से क्या है कनेक्शन?
मोटापा एक ऐसी कंडीशन होती है, जिसमें बॉडी पर अधिक फैट होता है। इससे हार्ट के अलावा अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं। ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन के अनुसार, शरीर में अधिक वजन ब्लड वेसेल्स में वसायुक्त पदार्थों के निर्माण का कारण बन सकता है। ये ब्लड वेसेल्स में अन्य अंगों तक ब्लड ले जाने से रोक सकता है। ब्लड न पहुंचने पर हार्ट के टिश्यू डैमेज हो जाती है। इससे हार्ट अटैक आ सकता है।