CG- महिला तहसीलदार को नोटिस: राजस्व प्रकरणों में विलंब पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी... पटवारी-RI समेत 5 को भी शो कॉज नोटिस....

भिलाई तहसील में राजस्व प्रकरणों में विलंब पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी, तहसीलदार को नोटिस जारी - औचक भिलाई तहसील के निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा

CG- महिला तहसीलदार को नोटिस: राजस्व प्रकरणों में विलंब पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी... पटवारी-RI समेत 5 को भी शो कॉज नोटिस....
CG- महिला तहसीलदार को नोटिस: राजस्व प्रकरणों में विलंब पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी... पटवारी-RI समेत 5 को भी शो कॉज नोटिस....

Notice to female Tehsildar, Collector expressed displeasure over delay in revenue case, Show cause notice to 5 including Patwari-RI

दुर्ग। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा आज औचक निरीक्षण के लिए भिलाई तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सभी राजस्व प्रकरणों से संबंधित दस्तावेज देखे। कुछ प्रकरणों में राजस्व निरीक्षक और पटवारी के प्रतिवेदन लंबे समय से लंबित थे। उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और इसके लिए अतिरिक्त तहसीलदार क्षमा यदु को नोटिस जारी किया। साथ ही गार्गी सत्यनारायण शुक्ला, पूर्व राजस्व निरीक्षक कोहका और वर्तमान राजस्व निरीक्षक डायवर्सन शाखा, शत्रुहन मिश्रा पटवारी कोहका, राजेश बंजारे पटवारी कुरुद को शो काज नोटिस जारी किया। 

उन्होंने कहा कि प्रतिवेदन समय पर आने पर मामले शीघ्र हल हो जाते हैं। इसके लिए गंभीरता से कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आरआई और पटवारी समय पर प्रतिवेदन नहीं देते हैं तो इसकी सूचना एसडीएम को प्रदान करें, लापरवाही में कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सीमांकन और बटांकन आदि के प्रकरण भी देखे। उन्होंने सभी प्रकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने प्रकरणों पर अद्यतन कार्रवाई की स्थिति देखी। कुछ प्रकरणों में कलेक्टर ने पाया कि पटवारी और आरआई के प्रतिवेदन समय पर आ जाते तो इन्हें काफी पहले हल किया जा सकता था। 

 

कलेक्टर ने कहा कि राजस्व मामलों में समयसीमा पर निराकरण काफी महत्वपूर्ण होता है और ऐसे मामले जो विवादित न हों, उन्हें समयसीमा के काफी पूर्व हल कर लिया जाना चाहिए। कलेक्टर ने तहसील में आ रहे प्रकरणों की विषयवस्तु के बारे में जानकारी भी ली। उन्होंने कोहका और कुरुद क्षेत्र के प्रकरणों के बारे में भी देखा। कलेक्टर ने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार नियमित रूप से पटवारी हल्कों का निरीक्षण करें। यह देखें कि ग्रामीण सचिवालय में निर्धारित समय पर पटवारी बैठ रहे हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों को तय समयसीमा पर हल करना है और इसमें किसी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए। इसकी लगातार मानिटरिंग की जाएगी।