छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के द्वारा आदिवासी समाज के संवैधानिक विभिन्न मुद्दों को लेकर किया गया ब्लॉक स्तरीय अनिश्चित कालीन आर्थिक नाकेबंदी पढ़े पूरी खबर




मस्तूरी(छ ग)छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व आदिवासी समाज के आह्वान पर
सोमवार को नेशनल हाईवे 49 में मस्तूरी मोड़ मस्तूरी विधानसभा के आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने आर्थिक नाकेबंदी करते हुए सभी माल वाहक गाड़ियों को रोककर प्रदर्शन किया जहाँ उन्होंने अपनी 14 सूत्रीय
मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने का हवाला देते हुए मजबूरन
प्रदर्शन करने की जानकारी दी। इस दौरान सड़क पर दोनों ओर
भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गई, हालांकि इस दौरान अन्य
वाहनों को आने जाने दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान सर्व आदिवासी समाज ने पुरे छत्तीसगढ़ में
14 सूत्रीय मांगो को सामने रखा जो इस प्रकार है
1. पदोन्नति में आरक्षण तत्काल किया जावें, अन्यथा
पिंगुआ के रिपोट आने तक सामान्य जाति के लिए किये गये
पदोन्नति को निरस्त कर आगे पूर्णतः रोक लगाई जावें ।
2. वर्षों से
लंबित बैकलाग आरक्षित पदों पर तत्काल भर्ती प्रारंभ किया जाय
13. स्वामी आत्मानंद विद्यालय में विद्यार्थियों के भर्ती में भी
आरक्षण रोस्टर पदपति का अनुपालन किया जाए। 4. तखतपुर
क्षेत्र के नरेश कुमार धुवंशी जो धुरी जाति के है , गोड़ जनजाति का
प्रमाण पत्र बनवा कर बलौदा बाजार न्यायालय में उप संचालक
अभियोजन , के पद पर कार्यरत है । उन्हें तुरंत बर्खास्त किया
जाए । उनका जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति से
निरस्त किया जा चुका है । 5. छात्रवृत्ति योजना में आरक्षित वर्ग
के पालकों का निर्धारित वार्षिक आय सीमा ढ़ाई लाख रूपये को
तत्काल समाप्त किया जाय । 6. आदिवासी समाज के बहन
बेटियों को बहला फुसलाकर उनसे शादी करके उनके नाम पर
जमीन खरीदने एवं सरपंच / पार्षद बने लोगों पर दंडात्मक
कार्यवाही किया जावें व जमीन वापस लिया जाय ।
18 जनजातियों को मात्रात्मक वुटियों की वजह से जाति प्रमाण
जारी नहीं किया जा रहा है उसमें शीघ्र सुधार कर प्रमाण पत्र जारी
किया जाय | जहां शिकायत एवं सुझाव दर्ज किया जा सके । 8.
आदिवासी सलाहकार परिषद का अध्यक्ष आदिवासी समाज से ही
हो । 9. पांचवी अनुसूची क्षेत्रों मे पी इ एस एच ए ( पेशा ) ऐक्ट
का अनुपालन किया जाय । 10. आदिवासी बहन बेटियों के साथ
अन्याय अत्याचार तथा प्रताडना रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाया
जाय । 11. आदिवासी क्षेत्र मे रह रहे बाहरी घुसपेठियों को
पहचान कर उन्हे आदिवासी क्षेत्र से बाहर भेजा जाय । 12.
अभयारण और टाईगर रिजर्व के नाम पर आदिवासियों का
विस्थान बंद हो । आदिवासियों के जमीन को खनन हेतु अधिग्रहण
करने के बजाय लीज मे लिया जाय और आदिवासी भूमिस्वामी
को शेयर धारक बनाया जाय । 13. आदिवासीयों के जमीन पर
गैर आदिवासियों के कब्जे के प्रकरणों पर शासन संवेदन शील
होकर प्रभावी कार्यवाही करें । बेरोजगार आदिवासी युवकों को
बेरोजगार भत्ता दिया जाए। 14. जनगणना में आदिवासियों की
जनसंख्या पलायन , प्रताड़ना , जबरदस्ती विस्थापन आदि कारणों
से कम हो रही है , इस पर तत्काल संज्ञान में लिया जाए।