LIC Housing Finance : एलआईसी एचएफ ने महंगे किए ग्राहकों के होम लोन, क्रेडिट स्कोर के आधार पर बढ़ीं ब्याज दरें.
LIC Housing Finance: LIC HF makes home loans of customers expensive, interest rates increased on the basis of credit score. LIC Housing Finance : एलआईसी एचएफ ने महंगे किए ग्राहकों के होम लोन, क्रेडिट स्कोर के आधार पर बढ़ीं ब्याज दरें.




LIC Housing Finance :
एलआईसी एचएफ ने ग्राहकों के क्रेडिट स्कोर के आधार पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों के लिए होम लोन की दरों में 20 बेस अंक की बढ़त की गई. वहीं कम क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों के लिए 25 बेस अंक की बढ़त की गई है. रिजर्व बैंक के द्वारा रेपो दरों में बढ़ोतरी के साथ कर्ज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है. इसी क्रम में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance) ने आज अपने घरों के लिए कर्ज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. लोन दरों में ये बढ़ोतरी सिबिल स्कोर यानि क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर अलग अलग की गई है.
एलआईसी एचएफएल के मुताबिक होम लोन (Home Loan) की शुरुआती दरों को बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों के लिए 20 बेस अंक बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत किया गया है. नई दरें शुक्रवार से लागू होंगी. रिजर्व बैंक (RBI) के द्वारा रेपो दरों को 40 बेस अंक बढ़ाने के बाद से कई बैंकों और एनबीएफसी ने अपने कर्ज दरों को बढ़ा दिया है. इसमें एचडीएफसी बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल हैं. (LIC Housing Finance)
कितनी बढ़ी ब्याज दरें :
एलआईसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ऐसे ग्राहक जिनका सिबिल स्कोर 700 या उससे अधिक है, उनके लिए दरों में 20 बेस अंक यानि 0.2 प्रतिशत की बढ़त की गई है. वहीं 700 से कम के सिबिल स्कोर वाले ग्राहकों के लिए दरों में 25 बेस अंक यानि 0.25 प्रतिशत की बढ़त की गई है. वहीं एनटीसी यानि न्यू टू क्रेडिट ग्राहकों के लिए दरों में 40 बेस अंक की बढ़त की गई है. सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच की एक संख्या होती है जो ग्राहकों को उनकी क्रेडिट स्कोर के आधार पर मिलती है. किसी ग्राहक का क्रेडिट स्कोर 900 से जितना करीब होगा ग्राहक की क्रेडिट रेटिंग उतनी बेहतर होगी.
एलआईसी एचएफएल के एमडी और सीईओ वाई विश्वनाथ गौड़ा ने कहा कि रिजर्व बैंक ने लंबी अवधि के बाद पॉलिसी दरों में बढ़ोतरी की है और इसका असर सभी कर्जदाताओं पर देखने को मिला है. हमने घर खरीदारों का सपना पूरा करने के लिए फंडिंग की लागत बढ़ने के बाद भी दरों में स्थिर बढ़ोतरी की है. (LIC Housing Finance)
और किसने बढ़ाई कर्ज दरें :
रिजर्व बैंक के द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी के साथ बैंकों और एनबीएफसी की कर्ज की लागत भी बढ़ी है इससे निपटने के लिए वे अपनी कर्ज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं. पंजाब नेशनल बैंक ने हाल ही में अपनी कर्ज दरों में बढ़ोतरी की है . बैंक के मुताबिक रेपो दरों में 0.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ बैंक की नीतियों के अनुसार ही पहली जून से कर्ज दरों में इतनी ही बढ़त की जाएगी ऐसे में आने वाले समय में कर्ज दरें महंगी होंगी.
वहीं बैंक की वेबसाइट के मुताबिक रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट्स 6.9 प्रतिशत होंगी जो कि नए ग्राहकों के लिए पहली जून से लागू होंगी. इससे पहले कई और बैंकों ने भी अपनी कर्ज दरों को बढ़ाया है. इसमें आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं. (LIC Housing Finance)