छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू पर कांग्रेसी नेता सत्ता के नशे में चूर कानून की धज्जियां उड़ा रहे - तरुणा साबे बेदरकर

छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू पर कांग्रेसी नेता सत्ता के नशे में चूर कानून की धज्जियां उड़ा रहे - तरुणा साबे बेदरकर
छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू पर कांग्रेसी नेता सत्ता के नशे में चूर कानून की धज्जियां उड़ा रहे - तरुणा साबे बेदरकर
छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू पर कांग्रेसी नेता सत्ता के नशे में चूर कानून की धज्जियां उड़ा रहे - तरुणा साबे बेदरकर
 
कांग्रेसी नेता के द्वारा नारायणपुर  के पत्रकार को जान से मारने की धमकी देना व दुर्व्यवहार करना निंदनीय है कड़ी कार्यवाही की मांग  - तरुणा साबे बेदरकर
 
बीजेपी और कांग्रेस सरकार में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकार भी सुरक्षित नही आम आदमी पार्टी पत्रकारों के साथ है - तरुणा साबे
 
 
जगदलपुर। नारायणपुर के छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन संघ के जिलाध्यक्ष के साथ कांग्रेसी नेताओं के द्वारा गाली गलौच, अभद्र व्यवहार और मारपीट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी नेत्री और लोकसभा सचिव ने इसे निंदनीय बताते हुए कहा है कि लगातार पत्रकार साथियों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करना भूपेश सरकार के राज में इनका शौक बन गया है आये दिन कोई न कोई कांग्रेसी नेता अपने पद का व सत्ता का शक्ति दिखाने किसी भी तरह का गुरेज नही करते हैं।
 
 
आगे तरुणा ने बताया कि जब भाजपा के शासन काल मे पत्रकारों के साथ इस तरह के कृत्य होते थे तो यंही कांग्रेसी और भूपेश बघेल विपक्ष में रहते हुए पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून की बात करते थे।
 
 
कांग्रेस सरकार के आने के बाद मार्च 2023 में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया गया। पत्रकारों को लगा कि हमे अधिकार मिल गया हमारी सुरक्षा हेतु कानून बना कर भूपेश सरकार ने बहुत ही अच्छा कार्य किया ।लेकिन सुरक्षा कानून लागू होने के चंद महीनों के बाद ही उसी सरकार ने नुमाइंदे,नेता इस कानून की धज्जी उड़ाते हुए अपनी सत्ता का रौब दिखाते आज भी पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार करने से बाज़ नही आ रहे हैं।
 
निष्पक्ष पत्रकारो को कांग्रेसी  टार्गेट बनाकर मारने पीटने मे उतावले हो जा रहे है नारायणपुर में कांग्रेसी नेता के द्धारा 21तारिक की रात्री 9बजे पत्रकारो के साथ किये अभ्रद एंव अशोभनीय व्यवहार का आम आदमी पार्टी कड़े शब्दो मे निंदा करती है।साथ ही पत्रकारो को जान से मारने की धमकी देने वाले ब्यान पर कानूनी प्रकिया की मांग करती है और शासन प्रशासन से इस प्रेसविज्ञप्ति मे माध्यम से अनुरोध करती है कि बिना किसी राजनीतिक दबाव से निष्पक्ष रूप से कार्यवाही करे।अन्यथा लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के समर्थन में आम आदमी पार्टी उग्र आन्दोलन करने बाध्य होगी।