CG- भारी बारिश BIG अलर्ट: आगामी 24 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी... ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी... बिजली गिरने की भी संभावना... देखें कहां कैसा रहेगा मौसम.....

Heavy rain warning in Chhattisgarh for next 24 hours रायपुर। गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट अनुसार आगामी 24 घंटों के लिए प्रदेश के बस्तर संभाग के जिलों में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी से अति भारी वर्षा तथा वज्रपात होने की संभावना है। येलो अलर्ट अनुसार आगामी 24 घंटों के लिए प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर तथा दुर्ग संभागों के जिलों में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी वर्षा तथा बज्रपात होने की संभावना है।

CG- भारी बारिश BIG अलर्ट: आगामी 24 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी... ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी... बिजली गिरने की भी संभावना... देखें कहां कैसा रहेगा मौसम.....
CG- भारी बारिश BIG अलर्ट: आगामी 24 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी... ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी... बिजली गिरने की भी संभावना... देखें कहां कैसा रहेगा मौसम.....

Heavy rain warning in Chhattisgarh for next 24 hours

 

रायपुर। गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट अनुसार आगामी 24 घंटों के लिए प्रदेश के बस्तर संभाग के जिलों में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी से अति भारी वर्षा तथा वज्रपात होने की संभावना है। येलो अलर्ट अनुसार आगामी 24 घंटों के लिए प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर तथा दुर्ग संभागों के जिलों में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी वर्षा तथा बज्रपात होने की संभावना है।

 

एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर उड़ीसा के ऊपर स्थित है। मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर स्थित है। प्रदेश में आज दिनांक 7 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छीटें पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की संभावना है। भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है।

 

मानसून के दौरान भारी वर्षा और आसमानी बिजली की संभावना बनी रहती है। मौसम विज्ञान केन्द्र रायपुर और राज्य शासन के आपदा एवं प्रबंधन विभाग द्वारा भारी वर्षा एवं आसमानी बिजली (वज्रपात) के प्रभावों की जानकारी एवं इससे बचाव के उपाय जन सामान्य की जानकारी के लिए जारी किए गए हैं। आकाशीय बिजली गिरने और अत्याधिक वर्षा के प्रभावों की जानकारी जनसामान्य को दी गई है कि घास-फूस की झोपड़ियों और एस्टेबटस की छत वाले घरों और कारों को नुकसान हो सकता है, छत के टॉप उड़ सकते है। 

 

अधूरे बंधे धातु की चादरें उड़ सकती है। पेड़ की शाखाओं के टूटने से बिजली और संचार लाइनों को नुकसान पहुंच सकता है तथा खड़ी फसलों को भी नुकसान होता है। बिजली जमीन पर गिरती है। अत्याधिक गरज-चमक के बाद संबद्ध वर्षा के कारण नदी-नालों में अचानक बाढ़ आती है। मौसम वैज्ञनिकों ने आम-जनों को बिजली चमकने एवं बादलों की गर्जना के संबंध में सुझाव दिए है कि अलग-थलग पड़े पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। तालाबों, झीलों और बाहरी पानी वाले क्षेत्र (जैसे धान की रोपाई) से तुरंत बाहर निकलें और दूर रहें। 

 

गड़गड़ाहट सुनने के बाद घर के अंदर जाएं या सुरक्षित पक्के आश्रयों की तलाश करें। अंतिम गड़गड़ाहट की आवाज सुनने के बाद 30 मिनट तक घर के अंदर रहें। अगर कोई आश्रय उपलब्ध नहीं है, तो तुरंत उकडू बैठ जाएं। यात्रा के दौरान गरज हो रही हो तो कार या बस टेªन के अंदर ही रहें। बिजली/इलेक्ट्रानिक उपकरण का प्रयोग न करें तथा बिजली की लाइनों से दूर रहें। सड़कें, स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जल जमाव और मुख्य रूप से उपरोक्त क्षेत्र के शहरी क्षेत्रों के अंडरपासों बंद हो सकते है। भारी वर्षा के कारण दृश्यता में कभी-कभी कमी आ जाती है। 

 

सड़कों पर जलजमाव के कारण प्रमुख शहरों में यातायात बाधित होने से यात्रा का समय बढ़ सकता है। कच्ची सड़कों को मामूली क्षति हो सकती है। कमजोर ढंाचे के क्षतिग्रस्त होने की संभावना रहती है। स्थानीय तौर पर भूस्खलन, मडस्लाइड हो सकता है। बाढ़ के कारण कुछ क्षेत्रों में बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान होता है। बाढ़ से नदी जल ग्रहण क्षेत्रों में बाढ़ आ सकती है। अत्याधिक वर्षा के दौरान जन सामान्य को सलाह दी गई है कि अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करने से पहले अपने मार्ग पर यातायात की भीड़ की जांच करें। इस संबध्ंा में जारी किसी भी यातायात सलाह का पालन करें। उन क्षत्रों में जाने से बचें जो अक्सर जलजमाव की समस्या का सामना करते हैं। कमजोर ढांचें में रहने से बचें।