कोरोना से ग्रसित मरीजों को दी जा रहा निःशुल्क टेलिफ़ोनिक परामर्श 9 माह में 1382 से अधिक रोगियों ने लिया लाभ 50 से अधिक पोस्ट-कोविड के मरीजों ने लिया परामर्श




नारायणपुर 1 अगस्त । जिले के कोविड सेंटर व होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीज मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के लिये टेलिफ़ोनिक सेवा का लाभ ले रहे है। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद समान्यतः लोगों के मन मे डर बढ़ जाता है। इसलिये ऐसे कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिये स्पर्श क्लिनिक के द्वारा विश्व मानसिक दिवस 10 अक्टूबर को टेलिफ़ोनिक सेवा प्रारंभ की गई थी। टेलिफ़ोनिक सेवा के माध्यम से मनोविशेषज्ञों के द्वारा कोविड मरीजों की काउंसलिंग कर मानसिक तनाव से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं।
नारायणपुर की 43 वर्षीय गीता ने बताया, "2 माह पहले मैं कोरोना संक्रमित हुई थी। 10 दिनों तक कोविड सेंटर में रहने के बाद जब घर आई तो कुछ समय तक कमजोरी, नींद न आना, घबराहट, तनाव जैसी समस्या होने लगी। इन समस्याओं के इलाज हेतु मैं जिला अस्पताल आयी। परामर्श के दौरान मुझे बताया गया कि यह पोस्ट कोविड साइड इफेक्ट है। इससे बचाव के लिये विशेषज्ञ द्वारा कुछ दवाइयां और रिलैक्सेशन थेरेपी अपनाने की सलाह दी गयी । इस दौरान फॉलोअप के लिये 3 बार अस्पताल भी गयी। अब मैं पहले से अधिक राहत महसूस कर रही हूं।"
क्लीनिक साइकोलोजिस्ट प्रीति चांडक ने बताया,- “कोविड सेंटर और होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 मरीजों में होने वाले मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं एवं उपचार के लिए टेलिफोनिक काउंसलिंग की जा रही है । बीते 9 माह में कुल 1,382 से अधिक मरीजों ने इस सेवा का लाभ लिया है। जिसमें होम आइसोलेशन के 382 मरीज हैं। कॉउंसलिंग से पहले मरीजों को स्व-आकलन फॉर्म भरवाया जाता है। फिर उनसे उनके मानसिक स्वास्थ्य से सम्बंधित समस्याओं पर चर्चा करके, उनकी मनःस्थिति की जानकारी ली जाती है। मरीजों के द्वारा बताए गये समस्यायों और स्व-आकलन फॉर्म के आधार पर उनका स्कोरिंग किया जाता है ताकि मरीजों को सही कॉउंसलिंग कर थैरेपी दी जा सके। प्रीति चांडक ने बताया, “कोरोना वायरस से प्रभावित कुछ मरीज मानसिक तौर पर बीमार हुए है। लगभग 50 से अधिक मरीजों ने कोरोना उपचार के बाद मानसिक समस्या से सम्बंधित परामर्श के लिये जिला अस्पताल आये। सामान्यतः मरीज बताते हैं कि उन्हें रात में नींद नहीं आती, हमेशा चिड़चिड़ापन, बेचैनी एवं डर रहता है और जीवन में तनाव रहता है। इसलिए ऐसे मरीजों को सकारात्मक विचारों पर ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कुछ कोविड-19 मरीजों में ठीक होने के बाद भी फंगल इन्फेक्शन संबंधित विकार, ब्रेन ,लिवर हार्ट में इंफेक्शन संबंधी विकार आए हैं। इसके अलावा ऐसे मरीज जो अभी कोविड सेंटर या होम आइसोलेशन में है उन्हें विभिन्न थेरेपी दी जा रही है जैसे, ब्रीदिंग थेरेपी , रिलैक्सेशन थेरेपी, माइंडफूलनेस थेरेपी, एंगर मैनेजमेंट ,आदि। उन्हें बताया जाता है कि स्वस्थ होने तक आइसोलेशन में रहना, आपकी और आपके परिवार, दोनो की सुरक्षा के लिये बहुत जरूरी है। मानसिक तनाव जैसी स्थिति से बचने के लिये हेल्पलाइन नम्बर 79742-40256 पर सहायता ली जा सकती है। यह सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।