Farming Business Ideas : केले की खेती कर कमाए जबरदस्त मुनाफा ! ये किसानों को कर देगी मालामाल, जानिए कैसे करें शुरु...

Farming Business Ideas: Earn huge profits by cultivating bananas! This will make farmers rich, know how to start... Farming Business Ideas : केले की खेती कर कमाए जबरदस्कित मुनाफा ! ये किसानों को कर देगी मालामाल, जानिए कैसे करें शुरु...

Farming Business Ideas : केले की खेती कर कमाए जबरदस्त मुनाफा ! ये किसानों को कर देगी मालामाल, जानिए कैसे करें शुरु...
Farming Business Ideas : केले की खेती कर कमाए जबरदस्त मुनाफा ! ये किसानों को कर देगी मालामाल, जानिए कैसे करें शुरु...

Farming Business Ideas :

 

अगर आप खेती से जुड़कर बंपर कमाई करना चाहते हैं तो एक बार केले के पौधे लगाने पर 5 साल तक फल मिलते हैं. जिसमें आप घर बैठे अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको कहीं बाजार में भटकने की जरूरत नहीं है। हम बात कर रहे हैं केला की खेती के बारे में। एक बार केले के पौधे लगाने पर 5 साल तक फल मिलते हैं। केला की खेती नकदी फसल है। इसमें किसानों को तुरंत पैसे मिलते हैं। आज कल किसान केले के खेती के जरिए अच्छी कमाई कर रहे हैं। (Farming Business Ideas)

भारत में केले की खेती :

  • आम के बाद केला (Banana) भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण फल फसल है.

  • भारत में केला उत्पादन (Banana Production in India) में प्रथम और फल फसलों के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है.

  • केले (Banana Growing States) की महाराष्ट्र में सबसे अधिक उत्पादकता है. अन्य प्रमुख केला उत्पादक राज्य कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश और असम हैं.

  • यह अपने स्वाद, पौष्टिक और औषधीय गुणों के कारण साल भर उपलब्ध रहता है.

  • यह सभी वर्ग के लोगों का पसंदीदा फल है. यह कार्बोहाइड्रेट और विटामिन विशेष रूप से विटामिन बी का एक समृद्ध स्रोत है.

  • केला हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करता है.

  • केले से विभिन्न उत्पाद बनाए (Different Products from Bananas) जाते हैं जैसे चिप्स, केला प्यूरी, जैम, जेली, जूस आदि. इसके अलावा, केले के रेशे का उपयोग बैग, बर्तन और वॉल हैंगर जैसी वस्तुओं को बनाने के लिए किया जाता है.

  • केले के कचरे से रस्सी और अच्छी गुणवत्ता का कागज तैयार किया जा सकता है.  (Farming Business Ideas)

केला की प्रजातियाँ :

राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा के पास केला की 100 से ज्यादा किस्में उद्यान अनु0 केन्द्र हाजीपुर में संग्रहित है भारत में लगभग 500 किस्में उगाई जाती है। लेकिन एक ही किस्में का विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न नाम है। केला का पौधा बिना शाखाओं वाला को मल तना से निर्मित होता है जिसकी उचाई 1.8 मी0 से लेकर 6 मी0 तक होती है इसके ताना को झूठा तना या आ मासी ताना कहते है। क्योंकि यह पत्तियों के नीचले हिस्से के संग्रहण से बनता है। असली तना जमीन के नीचे होता है जिसे प्रकन्द कहते है इसके मध्यवर्ती भाग से पुष्पक्रम निकलता है। क्षेत्र विशेष के अनुसार लगभग 20 किस्में वाणिज्यिक उद्देश्य से उगाई जा रही है। (Farming Business Ideas)

विभिन्न प्रदेशों में उगाई जाने वाली केला की किस्में :

  • असम:- रोवस्टा, मालभोग, अल्पान डवार्फ काबेनिडस, गैरिया, मुठिया कचकेल, बत्तीसा।
  • पश्चिम बंगाल:- लैकटन, चम्पा, अर्मतसागर, कन्थाली, जायन्ट, गर्वनर।
  • बिहार:- रोवस्टा, चीनी चम्पा, मालभोग, बागनर, मोंस, चिनिया।
  • महाराष्ट्र:- सिन्दरनी, अर्धापुरी, राजेली, पेदालसे हनुमान, सफेद वेलची लालवेलची।
  • आंधप्रदेश:- चाक्कर केली, मोन्थन, रोबस्टा, अमृतवानी येनागुवंधा।
  • कर्नाटक:- पूवान, रेडवनाना, नेद्रन पालीयन कादन मोन्थन, इलावाज्हर्ड, कारीबाले।
  • गुजरात:- डवार्क काबोन्डीस, कारपुरा, ग्रैंडनेने हरीछाल, गणदेवी। (Farming Business Ideas)

खेत की तैयारी :

खेत की दो तीन जुताई करने के बाद 50X 50X 50 सेमी0 आकार गढ़े 1.5X 1.5 मी0 बौनी प्रजाति के लिए व 2X 2 मी0 लम्बी प्रजाति के लिए दूरी गड्ढा खोद लेते है। गढ्ढा की खोदाई का कार्य मई-जून में कर लेना चाहिए खुदाई के उपरान्त उसी अवस्था में गढ्ढों को 15 दिन के लिए छोड़ देना चाहिए। गढ्ढों के रोपण से 15 दिन पूर्व कम्पोस्ट एवं मिट्टी के 1ः1 मिश्रण से भर देना चाहिए। गढ्ढो की मिट्टी 20 किलोग्राम सड़ी गोबर की खाद कम्पोस्ट एक किलो अंडी की या नीम की खल्ली 20 ग्राम फ्यूराडाॅन मिट्टी में मिला देना चाहिए। गढ्ढा भरने के उपरान्त सिचाई करना आवश्यक है जिससे गढ्ढो की मिट्टी बैठ जाय। (Business Ideas)

कितनी आएगी लागत : 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बीघे केले की खेती करने में करीब 50,000 रुपये लागत आती है। इसमें दो लाख रुपये तक की आसानी से बचत हो जाती है। एक्सपर्ट्स का मानना है बाकी फसलों के मुकाबले केले में जोखिम कम है। केले की फसल उगाने के लिए जैविक खाद का इस्तेमाल करने से लागत कम हो जाती है। किसानों को गोबर की खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। केले की कटाई के बाद जो कचरा बचता है उसे खेत के बाहर नहीं फेंकना चाहिए। इसे खेत में ही पड़ा रहना चाहिए, जो कि खाद का काम करता है। इससे केले की पैदावार में इजाफा होता है। (Farming Business Ideas)

एक बार पौधे लगाने से 5 साल होगी कमाई : 

केले के पौधों को लगाने के बाद ये 5 साल तक फल देते हैं। इनकी देखरेख के लिए निराई-गुड़ाई बेहद जरूरी है। सिंघापुरी के रोबेस्टा नस्ल के केले खेती के लिए बेहतर माना जाता है। इससे उपज अधिक मिलती है। किसानों का मनना है कि केले की खेती में रिस्क कम और फायदा अधिक है। लिहाजा किसान केले की खेती की ओर रूख कर रहे हैं। (Farming Business Ideas)

केले की खेती के लिए मिलती है सब्सिडी :

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से बागवानी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न प्रकार की बागवानी फसलों के उत्पादन पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। हरियाणा, बिहार में बागवानी फसलों के उत्पादन पर सरकार की ओर से काफी अच्छा कार्य किया जा रहा है।

इस समय राज्य में केले की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके लिए किसानों को 50 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर के हिसाब से सब्सिडी प्रदान की जा रही है। बता दें कि किसानों को बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना चलाई जा रही है। (Farming Business Ideas)

योजना का लाभ लेने के लिए किसान कहां करें आवेदन :

वर्ष 2021-22 में भी केला क्षेत्र विस्तार हेतु 1000 इकाई का लक्ष्य रखा गया है। उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना संचालित की जा रही है। केले की व्यवसायिक खेती के इच्छुक किसान अपने इलाके के उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर इस संबंध में अधिक जानकारी लेकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। (Farming Business Ideas)

सब्सिडी के लिए हेतु आवेदन आवश्यक दस्तावेज :

किसानों को सरकारी योजनाओं में सब्सिडी के लिए आवेदन हेतु कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ती है। वे इस प्रकार से हैं-

  • आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड
  • आवेदन करने वाले किसान के खेती की जमीन के कागजात
  • बैंकपास बुक की प्रथम पृष्ठ की कॉपी
  • आवेदन करने वाले किसान का मोबाइल नंबर (Farming Business Ideas)