Cyclone Sitrang: दिवाली के दिन साइक्लोन दे रहा टेंशन!कई राज्यों में 'सितरंग' का अलर्ट…अफसरों की छुट्टियां रद्द…जानें- कहां पहुंचा तूफान, कब और कहां टकराएगा?

बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान ‘सितरंग’ का असर धीरे-धीरे तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी से भारी बारिश की आशंका जताई है। Cyclone Sitrang: Cyclone is giving tension on the day of Diwali! 'Sitrang' alert in many states

Cyclone Sitrang: दिवाली के दिन साइक्लोन दे रहा टेंशन!कई राज्यों में 'सितरंग' का अलर्ट…अफसरों की छुट्टियां रद्द…जानें- कहां पहुंचा तूफान, कब और कहां टकराएगा?
Cyclone Sitrang: दिवाली के दिन साइक्लोन दे रहा टेंशन!कई राज्यों में 'सितरंग' का अलर्ट…अफसरों की छुट्टियां रद्द…जानें- कहां पहुंचा तूफान, कब और कहां टकराएगा?

Cyclone Sitrang: Cyclone is giving tension on the day of Diwali! 'Sitrang' alert in many states

Cyclone Sitrang: बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान ‘सितरंग’ का असर धीरे-धीरे तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी से भारी बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग की मानें तो दिवाली के दिन यानी आज और कल बिहार, बंगाल, ओडिशा समेत कई राज्यों में तूफान के साथ बारिश हो सकती है। 

 

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर गहरा दबाव पिछले छह घंटों के दौरान 15 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। आईएमडी ने कहा है कि अगले 6 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और बंगाल की मध्य खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तेज होने की संभावना है। 

 

बिहार में दिवाली के मौके पर चक्रवाती तूफान कहर बरपा सकता है। मौसम विभाग ने इसके अलावा पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के साथ-साथ ओडिशा के पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालेश्वर, मयूरभंज, जाजपुर, क्योंझर, कटक और खुर्दा जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। 

 

फिलहाल बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक दबाव बना रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह दबाव धीरे धीरे उत्तर पूर्व की ओर बढ़ेगा और चक्रवाती तूफान (cyclonic storm) के रूप में तब्दील हो जाएगा। वहीं 25 अक्टूबर को यह तूफान बांग्लादेश तट को पार कर जाएगा। बांग्लादेश में यह तिनकोना द्वीप और सान द्वीप से होते हुए निकलेगा। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने इससे प्रभावित इलाकों के लिए अलर्ट (Weather Alert)जारी किया है। 

 

इस तूफान के दिवाली की देर रात को पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट से टकराने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बारिश होने के आसार हैं। सबसे ज्यादा असर सुंदरबन और पूर्वी मिदनापुर के तटीय इलाकों पर पड़ सकता हैं। मौसम विभाग के मुताबिक तूफान 25 अक्टूबर की तड़के बांग्लादेश के तिकोणा और संद्वीप के बीच तट से टकराएगा।

 

विभाग ने बताया कि तूफान सोमवार की सुबह सागर द्वीप से लगभग 430 किलोमीटर दक्षिण केंद्रित था। मौसम विज्ञान कार्यालय ने बताया कि 'सितरंग' तूफान की गति और बढ़ेगी और यह गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है जिससे सोमवार को दक्षिणी 24 परगना, उत्तरी 24 परगना और मिदनापुर जैसे तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश हो सकती है और 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती है।

 

एनडीआरएफ और पुलिस अलर्ट
पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा के तटीय इलाकों में एनडीआरएफ और पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही समुद्र तट के आस-पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है। 

 

बंगाल में आज सितरंग अलर्ट
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता सहित दक्षिणी जिलों में सोमवार की सुबह हल्की बारिश हुई और उत्तर बंगाल की खाड़ी में उठे 'सितरंग' तूफान के तट के करीब आने से दिन में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके मद्देनजर दिवाली के जश्न में खलल पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। 

 

और बढ़ेगा 'सितरंग' का तूफान
मौसम विभाग के मुताबिक तूफान 25 अक्टूबर की तड़के बांग्लादेश के तिकोणा और संद्वीप के बीच तट से टकराएगा। विभाग ने बताया कि तूफान सोमवार की सुबह सागर द्वीप से लगभग 430 किलोमीटर दक्षिण केंद्रित था। मौसम विज्ञान कार्यालय ने बताया कि 'सितरंग' तूफान की गति और बढ़ेगी और यह गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है जिससे सोमवार को दक्षिणी 24 परगना, उत्तरी 24 परगना और मिदनापुर जैसे तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश हो सकती है और 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती है। 

 

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
मौसम विभाग ने बताया कि कोलकाता और उससे सटे हावड़ा तथा हुगली जिलों में भी सोमवार को मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है। कोलकाता में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है जहां पर कालीपूजा के लिए पंडाल लगाए गए हैं। इस बीच, मछुआरों को 24 और 25 अक्टूबर को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।