CG ब्रेकिंग न्यूज़ : प्रतिभागी बच्चों को सम्मानित कर हुआ व्यक्तित्व विकास शिविर का समापन...




प्रतिभागी बच्चों को सम्मानित कर हुआ व्यक्तित्व विकास शिविर का समापन
राजनांदगांव :- छात्र युवा मंच द्वारा ग्रीष्मकालीन व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन शीतला माता मंदिर परिसर मे स्थित गार्डन मे अप्रैल माह से आयोजित किया गया था इस शिविर मे सम्मिलित होने वाले प्रतिभागी बच्चों को कराटे योगा मयूथई डांस बैडमिंटन शतरंज रस्सी जम्प जैसे विविध प्रकार के विधाओं से बच्चों को प्रशिक्षित किया गया, अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह से प्रारम्भ इस शिविर का समापन समारोह 21 जून अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर रखा गया, समापन अवसर मे प्रतिभागी बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए दैनिक अख़बार के संवाददाता सूरज यदु व समाजसेवी जग्गा यदु उपस्थित रहे, मुख्य अतिथियों ने शिविर का लाभ लेने वाले बच्चों को नकद पुरुस्कार व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया
जन्मदिन को रचनात्मक रूप से मनाने की अच्छी पहल - सूरज यदु
समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूरज यदु ने आयोजन समिति छात्र युवा मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा की वर्तमान के इस दौड़ते भागते जीवन मे प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यक्तिगत हितो के लिए कार्य कर रहा है ऐसे दौर मे सेवा व भारतीय संस्कृति सभ्यता को पुनर्जीवित कर जन्मदिन को सेवा, रचनात्मक सकारात्मक रूप से मनाने का कार्य कर रहा है वह अतुलयनीय है. आयोजन समिति के छोटे छोटे प्रयास से निश्चित रूप से समाज मे आने वाले भविष्य एक क्रन्तिकारी परिवर्तन आएगा।
पांच सौ वर्षो के मानसिक गुलामी से आजादी के लिए करना होगा संघर्ष - नागेश यदु
पूरा भारत वर्ष आजादी के 75 वर्ष अमृत महोत्सव के रूप मे मना रहा है है 1947 में देश अंग्रेजो से जरूर आजाद हो गया पर अंग्रेजी सभ्यता संस्कृति से आज 500 वर्षों बीत जाने के बाद भी मानसिक गुलाम है, आज अधिकांश व्यक्ति अपने जन्मदिन के अवसर पर केक न काटे तो उन्हें अपना जन्मदिन मे अधूरापन लगता है और यह केक काटने की संस्कृति पश्चिमी सभ्यता संस्कृति का प्रतीक जो 16 वी सदी मे विदेशो मे प्रारम्भ हुआ था और 21 वी सदी के इस युग मे बड़े पागलपन से इस पश्चिमी संस्कृति का अनुसरण कर रहे है, प्रत्येक भारतवासी को भारतीय संस्कृति सभ्यता के अनुरूप अपना जन्मदिन मनाना चाहिए दीप जलाकर, मंदिर मे पूजा पाठ कीर्तन कर, पोधरोपण, स्वच्छता अभियान कर व छोटे बच्चों, दीन हीन की मदद कर भी जन्मदिन मनाया जा सकता है हम अपने संस्कृति सभ्यता को अपनाएंगे तब तभी हमारा भारत देश विश्व गुरु बनेगा।