विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही अब बीजेपी-कांग्रेस को किसान और धान की आ रही याद: तरुणा साबे बेदरकर, बस्तर लोकसभा सचिव आप

विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही अब बीजेपी-कांग्रेस को किसान और धान की आ रही याद: तरुणा साबे बेदरकर, बस्तर लोकसभा सचिव आप
विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही अब बीजेपी-कांग्रेस को किसान और धान की आ रही याद: तरुणा साबे बेदरकर, बस्तर लोकसभा सचिव आप

धान खरीदी को कांग्रेस-बीजेपी बना रही राजनैतिक मुद्दा, असल में दोनों पार्टियों ने नहीं किया किसानों के लिए काम: कोमल हुपेंडी, प्रदेश अध्यक्ष, आप

विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही अब बीजेपी-कांग्रेस को किसान और धान की आ रही याद: तरुणा साबे बेदरकर, बस्तर लोकसभा सचिव आप


23 साल बाद भी छत्तीसगढ़ का किसान परेशान, इसकी जिम्मेदार सिर्फ कांग्रेस और बीजेपी की सरकार: तरुणा साबे बेदरकर ,आप

जगदलपुर, 11 जुलाई 2023। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद धान खरीदी को लेकर सियासत शुरु हो गई है। इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने आज, मंगलवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस की भूपेश सरकार और बीजेपी पर पलटवार किया है।जिसकी जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लोकसभा सचिव तरुणा साबे बेदरकर ने मीडिया को दी।

आम आदमी पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के दौरे पर आए तो जनता को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके चुनावी मौसम में आने से माहौल खराब हो गया है। अब पीएम के धान खरीदी वाले बयान को लेकर कांग्रेस बैठ गई है और दोनों पार्टियां सिर्फ एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का काम कर रही हैं। जनता को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। 

लोकसभा सचिव तरुणा साबे ने कहा कि पूरे देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ को 'धान का कटोरा' के नाम से जाना जाता है। बीजेपी की सरकार की बात करें या फिर छत्तीसगढ़िया की बात करने वाली कांग्रेस की सरकार की बात करें तो दोनों सरकारों ने छत्तीसगढ़ के किसानों का हक मारा है। अधिकारों को छीना है, शोषण किया है, उन्हें लूटा है और यही वजह है कि आज लगभग 23 साल बाद भी छत्तीसगढ़ के किसान परेशान और त्रस्त हैं। इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस और बीजेपी की सरकार है। रमन सिंह ने किसानों को बोनस देने का वादा किया था, लेकिन अंतिम दो सालों का बोनस नहीं दिया। वहीं मौका देखते हुए कांग्रेस ने घोषणा पत्र में वादा किया था कि हमारी सरकार बनने पर बोनस दिया जाएगा। लेकिन साढ़ चार बाद भी खुद को छत्तीसगढ़िया बताने वाली भूपेश सरकार ने किसानों को बोनस नहीं दिया। 

आगे तरुणा ने कहा कि कांग्रेस ने जनघोषणा पत्र में किसानों से वादा किया था कि सिंचाई का रकबा बढ़ाएंगे। आम आदमी पार्टी पूछती है कि प्रदेश के किस कोने में सिंचाई का रकबा बढ़ा गया है। आज आलम यह है कि किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसानों की हितैषी बताने वाली सरकार को पता होना चाहिए कि नवा रायपुर में अपनी मांगों को लेकर लंबे समय तक किसानों ने आंदोलन किया। किसानों का दमन किया गया।

एक किसान की मौत हो गई, बावजूद इसके सरकार के तरफ कोई बयान नहीं आया। उन्होंने कहा कि आज किसान परेशान है। फर्टिलाइजर का दाम बढ़ गया। प्रदेश में आज नकली खाद बेचा जा रहा है। आखिरकार किसके संरक्षण में पूरे प्रदेश में नकली खाद बेची जा रही है। वर्मी कंपोस्ट में रेत और मिट्टी मिलाई जा रही है। किसानों के ऊपर दबाव बनाकर जबरन दिया जा रहा है।