छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर SECL में मनमोहक छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम सम्पन्न

Adorable Chhattisgarhi program completed in SECL on Chhattisgarh Foundation Day

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर SECL में मनमोहक छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम सम्पन्न
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर SECL में मनमोहक छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम सम्पन्न

कोलइण्डिया एवं छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दिनांक 01 नवंबर 2022 को एसईसीएल वसंत विहार स्थित खेल मैदान में निदेशक तकनीकी संचालन सह योजना/परियोजना श्री एस.के. पाल के मुख्य आतिथ्य, निदेशक (वित्त) श्री जी. श्रीनिवासन, एसईसीएल संचालन समिति के सदस्यगण, एसईसीएल कल्याण मण्डल के सदस्यगण, एसईसीएल सुरक्षा समिति के सदस्यगण, सीएमओएआई पदाधिकारीगण, एससीएसटी ओबीसी सिस्टा के पदाधिकारीगण, श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा, श्रद्धा महिला मण्डल उपाध्यक्षाद्वय श्रीमती रीतांजली पाल एवं श्रीमती राजी श्रीनिवासन के विशिष्ट आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, अधिकारियों-कर्मचारियों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, दर्शकवृन्दों के उपस्थिति में रंगारग सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी लोक व फिल्म गायिका अलका चन्द्राकर परगनिहा ने कार्यक्रम में अपने छत्तीसगढ़ी फिल्मों के गीत-नृत्य प्रस्तुत किए जिसका बड़ी संख्या में दर्शकों ने भरपूर लुफ्त उठाया।

कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियो द्वारा दीप प्रज्जवलन कर छत्तीसगढ़ की माटी, हल, मानचित्र, धान की बाली का पूजन किए एवं छत्तीसगढ़ की मानचित्र पर माल्यार्पण कर सम्मान में पुष्प अर्पित किए। इसके बाद अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया तत्पश्चात् मुख्य अतिथि निदेशक तकनीकी संचालन सह योजना/परियोजना श्री एस.के. पाल ने उपस्थितों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की अपनी व कम्पनी की ओर से बधाई व शुभकामनाएँ देते हुए कार्यक्रम आरंभ करने की घोषणा की।

लोक व फिल्म गायिका अलका चन्द्राकर परगनिहा ने ’’गणेश वंदना’’’ से अपने कर्यक्रम की शुरूआत की उपरांत घान बोवाई के समय गाए जाने वाले गीत’’ , सुआ नृत्य, मैना गीत, विवाह गीत, डुडुवा कबड्डी गीत नृत्य के साथ प्रस्तुत किया गया। अगली कड़ी में अलका चन्द्राकर परगनिहा ने गौरी-गौरा गीत नृत्य के साथ, रावत नाचा, ददरिया प्रस्तुत किया। इस अवसर सुप्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गायिका द्वारा अपना लोकप्रिय गीत ’’हँस झन पगली फँस जाबे मया मा….’’, ’’बही बना दिए रे……’’ , ’’ओ टूरा आँखी मा झूलत रइबे ना……..’’ , ’’राखे रईबे, राखे रइबे ना, मया राखे रइबे संगवारी हो……’’ गीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंत में ’’अरपा पैरी के धार…….’’ गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के जानी लीवर कहे जाने वाले विनोद नेताम ने अपने प्रस्तुति से लोगों को बहुत गुदगुदाया। वसंत विहार खेल मैदान में सायं 7.30 से 11 बजे रात्रि तक सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में भारी मात्रा में दर्शकों की उपस्थिति रही। छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखने के लिए उमड़ी हुई भीड़ में एक विशेष उत्साह दिखाई पड़ रहा था। इस छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम को सभी के द्वारा अत्यंत सराहा गया।

कार्यक्रम के सफलतापूर्वक आयोजन में महाप्रबंधक (कार्मिक/ प्रशासन) श्री ए.के. सक्सेना एवं उनके टीम की मुख्य भूमिका रही।