अमित जोगी ने लिखा मुख्यमंत्री-डीजीपी को पत्र: बोले, लाखों भोले भाले छत्तीसगढ़ियों के खून पसीने की गाढ़ी कमाई डूबने नहीं देंगे.... चिटफंड कम्पनियों में छत्तीसगढियों का जमा राशि 5000 करोड़ दिलाने की मांग - JCCJ......

अमित जोगी ने लिखा मुख्यमंत्री-डीजीपी को पत्र: बोले, लाखों भोले भाले छत्तीसगढ़ियों के खून पसीने की गाढ़ी कमाई डूबने नहीं देंगे.... चिटफंड कम्पनियों में छत्तीसगढियों का जमा राशि 5000 करोड़ दिलाने की मांग - JCCJ......

रायपुर, छत्तीसगढ़, दिनांक 17.11.2021। जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा छत्तीसगढ़ के लाखो भोले भाले छत्तीसगढ़ियों के खून पसीने की गाढ़ी कमाई हर हाल में हम डूबने नहीं देंगे। जोगी ने विभिन्न चिटफंड कम्पनियों में लाखों छत्तीसगढ़ियों के जमा ₹ 5000 करोड़ से भी अधिक राशि दिलाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और डीजीपी को पत्र लिखकर उक्त राशि दिलाने की मांग की है। अमित जोगी ने अपने पत्र में कहा ₹ 5000 करोड़ से भी अधिक राशि लिखित आश्वासन के साथ कि 6 साल के उनको मूल राशि के साथ आज समेत निर्धारित तिथी तक भुगतान किया जाएगा) के आधार पर जमा कराया गया था। इसका भुगतान 2017 से लंबित है। निवेशको द्वारा अपने निवेश की राशि के भुगतान हेतु पुलिस प्रशासन एवं सरकार से अनेको बार लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायत की गयी है परंतु शासन-प्रशासन द्वारा निवेशकों की समस्या के निराकरण हेतु कोई कार्यवाही नहीं की है। उन्होंने कहा शासन-प्रशासन के अधिकांश लोग यह तर्क दे रहे हैं कि प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। यह पूरी तरह निराधार है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस प्रकरण में केवल सहारा कंपनी और सोसाइटी एवं SEBI को पक्षकार बनाया गया है। इस मामले में उपरोक्त समिति के न तो एजेन्ट और न ही निवेशक पक्षकार बनाए गए हैं। इस आधार पर मध्यप्रदेश ओडिसा एवं अन्य राज्यों में समिति के विरूद्ध FIR दर्ज कर निवेशकों की करोड़ों की राशि का भुगतान भी कराया है। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में ठोस कार्यवाही कर निवेशकों की जमा पूंजी वापस दिलाने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। अतः आपसे उम्मीद है कि के विरुद्ध प्रदेश के सभी थाना प्रभारियों को FIR दर्ज कर निवेशकों की ब्याज समेत राशि दिलाने हेतु उचित निर्देश पारित करें। इस कारण से प्रदेश के समस्त निवेशकों में शासन एवं प्रशासन के विरुद्ध काफी रोष एवं आक्रोष व्याप्त है।