What Is EBITDA : निवेशक पैसा लगाने से पहले जरूर जाने क्या है EBITDA, होगी मोटी कमाई, यहाँ जाने सब कुछ ...

What Is EBITDA : Before investing money, investors must know what is EBITDA, they will earn big money, know everything here... What Is EBITDA : निवेशक पैसा लगाने से पहले जरूर जाने क्या है EBITDA, होगी मोटी कमाई, यहाँ जाने सब कुछ ...

What Is EBITDA : निवेशक पैसा लगाने से पहले जरूर जाने क्या है EBITDA, होगी मोटी कमाई, यहाँ जाने सब कुछ ...
What Is EBITDA : निवेशक पैसा लगाने से पहले जरूर जाने क्या है EBITDA, होगी मोटी कमाई, यहाँ जाने सब कुछ ...

What Is EBITDA :

 

नया भारत डेस्क : शेयर बाजार और बाजार में लिस्टेड कंपनियों की वित्तीय स्थितियों को जानने में दिलचस्पी रखने वाले एबिटा (EBITDA) पर विशेष ध्यान देते हैं. कोई भी बड़ा निवेशक किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले एबिटा जरूर देखता है. आपने भी कई बार इसके बारे में सुना जरूर होगा, लेकिन ये है क्या चीज, इस पर बहुत कम लोगों को स्पष्टता है. तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं. (What Is EBITDA)

EBITDA देखने-सुनने में भारी-भरकम शब्द लग सकता है, लेकिन इसे समझना ज्यादा मुश्किल भी नहीं है. पहली बात तो ये कि एबिटा की एक फुल-फॉर्म है, जिसका पूरा मतलब है अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेज़, डेप्रिसिएशन, एंड अमॉर्टाइजेशन (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization). इस फुल-फॉर्म से इसका मतलब भी समझ में आता है. (What Is EBITDA)

इस पर क्यों होती है बड़े निवेशकों की नजर?

इसे और भी आसानी से समझना है तो कहा जा सकता है कि कंपनी जो काम करती है, उसके जरिए वह कितना कमा पा रही है, कितना टैक्स दे रही है, कंपनी का कितना मूल्यह्रास अथवा डेप्रिसिएशन हो रहा है, और उसे कितना कर्ज चुकाया है. इससे पता चलता है कि कंपनी सच में किस दिशा में अग्रसर है. अब ये तो समझ में आ गया कि एबिटा क्या है. अब ये भी जान लेना जरूरी है कि बड़े निवेशक इस पर पैनी नजर क्यों रखते हैं. (What Is EBITDA)

कंगले को नहीं देता कोई उधार, न करता कोई निवेश!

इसे एक उदाहरण से समझिए. क्या आप किसी ऐसे शख्स को उधार देंगे जो पहले से ही कंगाल है अथवा उसके पास उस उधार को चुकाने का कोई साधन नहीं है? आपका उत्तर शायद न होगा. आप किसी ऐसी जगह पर निवेश भी नहीं करना चाहेंगे, जो पिछले कुछ सालों से असल में कोई पैसा न कमा रहा हो. बिलकुल यही बात एक निवेशक या कर्जदाता पर भी लागू होती है. यदि कोई कंपनी सच में कुछ कमा रही है, जिसे कि एबिटा से मापा जा सकता है, तो लोग उसमें निवेश भी करना चाहेंगे और यदि उस कंपनी को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए बाजार से उधार भी लेना पड़े तो आसानी से मिल सकता है. यही वजह है कि बड़े निवेशक ऐसी कंपनियों को ही चुनते हैं, जो पैसा कमाती हैं. (What Is EBITDA)

यहां एक बात और समझनी चाहिए कि एबिटा हालांकि कंपनी के कैश फ्लो (Cash Flow) की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं करता है. इसलिए कभी-कभार यह मिसलीडिंग अथवा गुमराह भी कर सकता है. किसी भी कंपनी में निवेश का आधार केवल एबिटा नहीं हो सकता. इसके अलावा और भी कई फैक्टर इसमें शामिल होते हैं, जिन पर निवेशक गौर करते हैं. कैश फ्लो भी अपने आप में महत्वपूर्ण है, जिसे समझाने के लिए अलग से एक आर्टिकल लिखना होगा. इस आर्टिकल में हमारा फोकस केवल एबिटा पर ही है.(What Is EBITDA)

तो तिमाही दर तिमाही एबिटा देखकर एक निवेशक यह अंदाजा लगा सकता है कि कंपनी का फोकस कहां है. क्या वो अपने कर्ज को कम कर रही है या कर्ज को बढ़ा रही है. क्या कोई कंपनी कर्ज भी घटा रही है और कमाई भी बढ़ा रही है. क्या कमाई बढ़ाने के दौरान उसकी पूंजी का ह्रास भी हो रहा है? और ऐसी ही बाकी चीजें भी चेक की जा सकती हैं. इसके बाद आता है शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट). (What Is EBITDA)

कैसे कैलकुलेट होता है एबिटा?

एबिटा को कैलकुलेट करने के 2 फॉर्मूला प्रचलित हैं. पहला है-
कंपनी का नेट प्रॉफिट + ब्याज + टैक्स + मूल्यह्रास + ऋणमुक्ति = एबिटा
अंग्रेजी में ऐसे लिखा जाएगा –
EBITDA = Net Profit + Interest + Taxes + Depreciation + Amortization (What Is EBITDA)

दूसरा फॉर्मूला है –

ऑपरेटिंग से आय + मूल्यह्रास + ऋणमुक्ति = एबिटा
इसे अंग्रेजी में कुछ यूं लिखा जाएगा-
EBITDA = Operating Income + Depreciation + Amortization (What Is EBITDA)