कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर से पहले तैयारी हुई शुरू मितानिन को कोरोना बीमारी पहचान करने का मिला प्रशिक्षण

कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर से पहले तैयारी हुई शुरू मितानिन को कोरोना बीमारी पहचान करने  का  मिला प्रशिक्षण

 

नारायणपुर 14 अक्टूबर। जिले में कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने हेतु उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन युमेत्ता फाउंडेशन एवं सोचारा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में kइया गया । इस प्रशिक्षण में मितानिन को कोरोना के गंभीर मरीजों की पहचान कराना, गंभीर लक्षणों को पहचानकर उन्हे सही समय पर रेफर करना, हेल्पलाइन से मदद लेना, आदि महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर लोगों के बीच कोरोना प्रबंधन की समझ को विकसित करना एवं बच्चों के रख रखाव के बारे में शिक्षित किया जाना है। प्रशिक्षण में आयी सभी मितानिन को कोरोना मरीजों की गंभीरता तय करने के लिए एक जांच सूची भी प्रदान की गई। नारायणपुर ब्लॉक में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 50 मितानिन ने भाग लिया।

डॉक्टर केशव साहू (बीएमओ नारायणपुर) ने बताया, "करोना की पहली और दूसरी लहर में प्रभावित हुए मरीजों में सबसे बड़ी समस्या प्रभावित व्यक्ति को समय पर कोरोना के लक्षण की पहचान नही कर पाना भी रहा है। अधिकतर मरीज कोरोना की जाँच या क्वॉरेंटाइन से बचने का प्रयास करते थे। जब स्थिति गम्भीर होने लगती तब वह अस्पताल में अपना इलाज करवाने आते थे । ऐसी स्थिति में अगर ग्रामीण स्तर पर कोरोना की गम्भीरता की पहचान कर ली जाए जिसमे मितनिन कोरोना सबंधी लक्षणों की जांच एवं पहचान कर मरीज को अस्पताल जाने के लिये प्रेरित करें तो भविष्य में इस महामारी को समय रहते कम किया जा सकता है। डॉ.केशव साहू ने कहा, सभी मितानिन अपने-अपने क्षेत्र व गांवों में लोगों को कोरोना से बचाव के बारे में जागरूक करें। जागरूकता ही कोरोना से बचाव है। सरकार की ओर से समय-समय पर जारी कोरोना गाइडलाइन का सभी लोग पालन करें। जिले में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर शासन प्रशासन पूरी तरह तैयार है लेकिन अगर हम जागरूक होंगे तो संभावित तीसरी लहर को भी हरा सकेंगे। एक दिवसीय आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. प्रियदर्श, श्री धीरज, ने समस्त मितानिन को प्रशिक्षित किया।