चारागाह स्थापना विकास एवं प्रबंधन हेतु प्रशिक्षण का आयोजन..आदर्श ग्राम चिपुरपाल के ग्रामीणों को दिया गया प्रशिक्षण..




*सुकमा 05 अगस्त 2021/* जिले के ग्रामीण अंचलो में गोचर भूमि में अतिक्रमण होने के कारण पशुधन को हरा चारा उपलब्ध नहीं हो पाता है, जिसके फलस्वरूप पशु खुले में विचरण करते हुए फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इस समस्या के निदान हेतु प्रदेश सरकार द्वारा सुराजी गाँव योजना के तहत् नवा, गरूवा घुरूवा एवं बाडी योजना प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर तक गोठानों का निर्माण किया गया है। साथ ही गोठान में आने वाले पशुओं को वर्षवार हरा चारा उपलब्ध कराने हेतु 80 चारागाह की स्थापना की गई है। चारागाह के विकास के लिए न केवल वैज्ञानिक पहलु आवश्यक है अपितु शैक्षणिक सामाजिक पक्ष को ध्यान में रखते हुए पंचायत एवं अन्य संस्थाओं की महत्वपूर्ण भगीदारी आवश्यक है। चारागाह की स्थापना के समय भूमि का चयन, चाराबीज की गुणवत्ता, मृदा में नमी, बीज बोआई की गहराई, चीटियों एवं अन्य कीटों का प्रकोप तथा खरपतवार की निरंतर निदाई, सिंचाई सुविधा, जल निकासी एव खाद आदि की आवश्यकता अत्यंत आवश्यक है।
कलेक्टर श्री विनीत नंदनवार के निर्देशानुसार आदर्श ग्राम पंचायत चिपुरपाल में चारागाह स्थापना विकास एवं प्रबंधन हेतु वर्षभर चारा उत्पादन हेतु प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिला सुकमा में 80 चारागाह में रोपण कार्य सुव्यवस्थित ढंग से किया गया एवं उनके निर्देशानुसार आदर्श ग्राम पंचायत चिपुरपाल गोठान के गोठान प्रबंधन समिति एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं, ग्रामीणो को जनप्रतिनिधि को वरिष्ठ वैज्ञानिक कषि विज्ञान केन्द्र सुकमा, उपसचालक कृषि तथा उपसंचालक पशुधन विकास विभाग सुकमा द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक द्वारा नेपियर रूट लगाने की विधि एवं वर्षवार चारा उत्पादन करने के संबंध में जानकारी दी गई। उपसंचालक कृषि द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन एवं उसके फायदे, पी.एम किसान सम्मान निधि के बारे में जानकारी प्रदाय की गयी। उपसंचालक पशुधन विकास विभाग डॉ एस जहीरूददीन ने बताया कि चारागाह विकास कार्य का संचालन गोठान प्रबंधन समिति के निगरानी में स्व सहायता समूह द्वारा किया जायगा। समस्त 80 चारागाह में हाईब्रिड नेपियर लगाया गया है। जिससे पशुओं को वर्षभर हराचारा उपलब्ध कराई जा सके। फसल की निगरानी, सिंचाई खाद का समय-समय पर छिड़काव, समय पर कटाई कर उपलब्ध कराना समूह द्वारार संपादित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों को बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना, डेयरी उद्यमिता विकास योजना बकरी पालन योजना, लेयर फार्मिग योजना के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकासखंड छिंदगढ जनपद अध्यक्ष श्रीमती देवली बाई नाग, ग्राम पंचायत चिपुरपाल सरपंच श्री सोमाराम बघेल एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीण जन उपस्थित थे।