Odisha Train Accident : बालासोर रेल दुर्घटना की सीबीआई के साथ सीआरएस की भी होगी जांच

Odisha Train Accident : बालासोर रेल दुर्घटना की सीबीआई के साथ सीआरएस की भी होगी जांच
Odisha Train Accident : बालासोर रेल दुर्घटना की सीबीआई के साथ सीआरएस की भी होगी जांच

भुवनेश्वर, 5 जून। सरकार ने ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम को हुई रेल दुर्घटना के कारणों की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का फैसला किया है। सरकार ने यह भी साफ किया कि सीबीआई जांच के साथ साथ रेल संरक्षा आयुक्त की जांच भी (Odisha Train Accident) चलेगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, “जिन परिस्थितियों में यह दुर्घटना हुई है और अब तक जो भी सूचनाएं रेलवे एवं प्रशासन की ओर से प्राप्त हुईं हैं। उसे देखते हुए आगे की जांच के लिए पूर मामले को सीबीआई को देने का फैसला किया जा रहा (Odisha Train Accident) है।”

अधिकारियों के अनुसार इस बारे में रेलवे बोर्ड जल्द ही कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को एक पत्र भेजने वाला है और इसके बाद सीबीआई जल्द से जल्द जांच शुरू कर देगी। अधिकारियों के मुताबिक रेल संरक्षा आयुक्त की जांच भी जारी रहेगी क्योंकि यह वैधानिक अनिवार्यता (Odisha Train Accident) है।

नयी दिल्ली में रेलवे बोर्ड की सदस्य (परिचालन एवं व्यापार संवर्धन) श्रीमती जया वर्मा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि घटना में खामियों का पता लग गया है और दोषियों की भी पहचान हो गयी है लेकिन सीआरएस जांच के बाद ही उसे सार्वजनिक किया (Odisha Train Accident) जाएगा।

रेलवे के सूत्रों से पता चला है कि बहनगा स्टेशन पर रिले रूम खुला मिला था जो एक बहुत अहम संरक्षा चूक है। सामान्यत: रिले रूम सिगनल एवं टेलीकॉम (एस एंड टी) स्टॉफ के जिम्मे होता है लेकिन इसका ताले की दो चाबियां होतीं हैं। एक चाबी स्टेशन मास्टर के पास होती है और दूसरी चाबी एस एंड टी स्टॉफ के पास होती है।

नियम के अनुसार रिले रूम तब ही खोला जाता है जब कोई ट्रेन परिचालन नहीं हो रहा हो। यदि ट्रेन परिचालन के वक्त रिले रूम खोलने की जरूरत पड़े तो एस एंड टी स्टॉफ मूवमेंट ऑथोराइज़ेशन रजिस्टर में हस्ताक्षर कराया जाता है और लिखवाया जाता है कि रिले रूम खुले रहने की स्थिति में ट्रेन का सुरक्षित परिचालन हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार इस रेल दुर्घटना ने रेलवे की संरक्षा की स्थिति की पोल खोल दी है। यह भी पता चला है कि गत आठ फरवरी को शाम को दक्षिण मध्य रेलवे के अंतर्गत बिरुर चिकजाजुर सेक्शन पर होसदुर्गा स्टेशन पर 12649 डाउन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी लोकाेपायलट की सतर्कता से इसी प्रकार के सिगनल की गड़बड़ी के कारण एक खाली मालगाड़ी से आमने सामने टकराने से बाल बाल बच गयी थी।

इस घटना में अप मेन लाइन के लिए सिगनल था लेकिन कैंची या प्वांइट्स डाउन मेन लाइन के लिए लगे थे। लोकोपायलट ने जैसे ही देखा, उसने वैसे ही ब्रेक लगा दिये। यदि लोकोपायलट सतर्क नहीं होता तो होसदुर्गा स्टेशन पर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और मालगाड़ी में आमने सामने की भीषण भिड़ंत हो सकती थी। एक ज़ोनल रेलवे में भी दो तीन माह पहले किसी स्थान पर लेवल क्रासिंग खुली रही और दो गाड़ियां गुजर गयीं लेकिन रेलवे अधिकारियों ने लीपापोती से उसे छिपा लिया।