विधि विधान से भगवान गणेश जी का विसर्जन किया गया।

विधि विधान से भगवान गणेश जी का विसर्जन किया गया।

नवभारत//✍️सितेश सिरदार

 

विघ्नहर्ता गड़पति जी की मूर्ति को विधि पूर्वक नदी, तालाबो में विषर्जन किया गया। बीते 10 सितंबर दिन शुक्रवार को पूरे विधि विधान से घरों में पंडालों में विघ्नहर्ता गणेश जी को बिठा कर पूजा अर्चना कर अपने लिए परिवार के लिए सुख शांति और समृद्धि मनोकामना प्राप्ति की कामना करते हुए विघ्नहर्ता गणेश की स्थापना कर विधि विधान से पूजा पाठ किया गया ।

10,दिन गड़पति जी को घरों और पंडालों में बिठाने के बाद 19 सितंबर दिन रविवार को तालाबो में नदियों में विषर्जन किया गया। कई लोग गणेश जी की प्रतिमा को अपने साथ पकडे हुए तालाबो नदी तक गए तालाब में परिवार एवं भक्ति भाव से पहुचे लोगो ने भगवान गणेश जी की जय जयकार करते रहे तालाबो नदियों में पहुचने

विघ्नहर्ता गड़पति जी की मूर्ति को विधि पूर्वक नदी, तालाबो में विषर्जन किया गया बीते 10 सितंबर दिन शुक्रवार को पूरे विधि विधान से घरों में पंडालों में विघ्नहर्ता गणेश जी को बिठा कर पूजा अर्चना कर अपने लिए परिवार के लिए सुख शांति और समृद्धि मनोकामना प्राप्ति की कामना करते हुए विघ्नहर्ता गणेश की स्थापना कर विधि विधान से पूजा पाठ किया गया पश्चात सभी ने एक बार फिर से भगवान गणेश की पूजा अर्चना कर अपनी सभी गलतियों के लिए क्षमा मांगते हुए उन्हें देवलोक जाने कहते हुए अगले बरस पुनः आने कहते हुए पानी में विषर्जन कर दिया। एक दिन पहले ही शनिवार को पंडित पुरोहित के द्वारा भगवान गणेश जी का विधि विधान से हवन आसन पूजा कर लिया गया था। अगले दिन। रविवार सुबह से भगवान गणेश का विषर्जन करना शुरू हो गया।

पौराणिक ग्रंथों में बताया गया है। कि महर्षि वेदव्यास ने गणेश चतुर्थी के दिन से भगवान श्री गणेश को महाभारत की कथा सुनानी प्रारंभ की थी।लगातार दस दिन तक वेदव्यास जी ने श्री गणेश को कथा सुनाते रहे और गणेश जी कथा लिखते रहे। जब कथा पूर्ण होने के बाद महर्षि वेदव्यास ने आंखें खोली तो देखा कि अत्याधिक मेहनत करने के कारण गणेश जी का तापमान बढ़ा हुआ था गणेश जी के शरीर का तापमान कम करने के लिए वेदव्यास जी ने पास के सरोवर में गणेश जी को ले जाते हैं।और स्नान कराते हैं। अनंत चर्तुदशी के दिन गणेश जी के तेज को शांत करने के लिए सरोवर में स्नान कराया गया था, इसलिए इस दिन गणेश प्रतिमा का विर्सजन करने का चलन शुरू हुआ।