FIR on Bhupesh Baghel: लोकसभा चुनाव से पहले बढ़ सकती है मुसीबत,Ex CM भूपेश बघेल के खिलाफ FIR,जानिए मामला…
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। ये शिकायत महादेव एप मामले में अपराध अन्वेषण विभाग (EOW/ACB) में दर्ज की गई है। ईओडब्ल्यू ने IPC के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश विश्वासघात और जालसाजी सहित कुल 7 धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।




रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। ये शिकायत महादेव एप मामले में अपराध अन्वेषण विभाग (EOW/ACB) में दर्ज की गई है। ईओडब्ल्यू ने IPC के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश विश्वासघात और जालसाजी सहित कुल 7 धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। मालूम हो कि आज शाम पूर्व सीएम भूपेश बघेल प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे
इस एफआईआर में भूपेश बघेल के अलावा महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 16 अन्य लोगों का नाम शामिल है। बता दें कि, इसी साल 8 और 30 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा राज्य पुलिस को दो रिपोर्ट भेजे जाने के बाद बघेल के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। दरअसल, ईडी के रिपोर्ट में कहा गया है कि धन संरक्षण के बदले महादेव ऐप की अवैध गतिविधियों को अनुमति देने के लिए राज्य सरकार के शीर्ष स्तर के पदाधिकारियों की संलिप्तता का खुलासा करता है।
गौरतलब है कि, पिछले साल नवंबर में वित्तीय अपराध जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि चंद्राकर और उप्पल ने बघेल को ₹508 करोड़ की रिश्वत दी थी।वर्तमान में दोनों संयुक्त अरब अमीरात की देखरेख में हिरासत में हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के माध्यम से उनके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध पहले ही संयुक्त अरब अमीरात भेजा जा चुका है।
प्रवर्तन निदेशालय के उपरोक्त प्रतिवेदन एवं साथ में संलग्न दस्तावेज, पूर्व में प्रेषित प्रतिवेदन क. ECIR/RPZO/10/2020/AD (MK) दि. 08.01.2024 व साथ में संलग्न दस्तावेज तथा प्रतिवेदन क. ECIR/ RPZO/10/2022/AD(MK) दि. 30.01.2024 व साथ में संलग्न प्रोविजनल अटैचमेंट आर्डर एवं अन्य दस्तावेजों के अध्ययन व परिशीलन के आधार पर पाया गया कि महादेव बुक ऐप के प्रमोटर्स श्री रवि उप्पल, श्री शुभम सोनी, श्री सौरभ चंद्राकर, श्री अनिल कुमार अग्रवाल के द्वारा विभिन्न लाईव गेम्स में अवैध सट्टेबाजी के लिये ऑफ लाईन सट्टेबाजी के स्थान पर विकल्प के रूप में ऑनलाईन प्लेटफॉर्म का निर्माण कर वाट्सएप, फेसबुक, टेलीग्राम जैसे माध्यमों से विभिन्न वेबसाईट के जरीए सट्टा खिलाया जाने लगा।
इन प्रमोटर्स द्वारा ऑनलाईन बैटिंग के लिए विभिन्न प्लेटफार्म तैयार कर पैनल ऑपरेटरों / ब्रांच संचालकों के माध्यम से ऑनलाईन बैटिंग के आपराधिक कृत्य का संचालन किया गया। महादेव बुक एप के प्रमोटर्स द्वारा ऑनलाईन चैटिंग एप के इस आपराधिक कृत्य के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही को रोकने के लिए विभिन्न पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीगण तथा प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों का संरक्षण प्राप्त किया गया, जिसके एवज में उन्हें नियमित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में भारी राशि दी गयी।
उक्त अवैध राशि की व्यवस्था एवं वितरण हेतु हवाला ऑपरेटरों का इस्तेमाल किया गया साथ ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अवैध प्रोटेक्शन मनी वितरण हेतु पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों का भी उपयोग किया गया। यह प्रोटेक्शन मनी की राशि हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से राशि वितरण करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी तक पहुंचती थी. जिसे उनके द्वारा संबंधित पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों को वितरीत की जाती थी। विभिन्न पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए प्रोटेक्शन मनी के रूप में अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करते हुए अवैध संपत्ति अर्जित की गयी है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कई अचल संपत्तियों का प्रोविजनल अटैचमेंट किया गया है।