भारत में ओमिक्रॉन का पाँचवा केस:तेज़ी से बढ़ रहा ओमिक्रोन…देश में 4 दिन में ओमिक्रॉन के 5 केस…इन 4 राज्य में कोरोना के ओमिक्रोन वैरियंट के केस मिले….केंद्र ने राज्यों को किया अलर्ट दी हिदायतें……जनिए नए वैरिएंट को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी?

भारत में ओमिक्रॉन का पाँचवा केस:तेज़ी से बढ़ रहा ओमिक्रोन…देश में 4 दिन में ओमिक्रॉन के 5 केस…इन 4 राज्य में कोरोना के ओमिक्रोन वैरियंट के केस मिले….केंद्र ने राज्यों को किया अलर्ट दी हिदायतें……जनिए नए वैरिएंट को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी?

डेस्क : बेंगलुरु, मुंबई और जामनगर के बाद अब दिल्ली में ओमिक्रॉन के पहले केस का पता चला है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि संक्रमित तंजानिया से आया था। एयरपोर्ट पर जांच के बाद उसके ओमिक्रॉन संक्रमित होने की जानकारी मिली। उसे दिल्ली के LNJP अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। इससे पहले शनिवार को गुजरात के जामनगर में ओमिक्रॉन संक्रमित मिला था। वहीं, मुंबई और बेंगलुरु में भी ओमिक्रॉन के केस मिलाकर देश में इस वैरिएंट के कुल 5 संक्रमित मिल चुके हैं।

छह राज्यों में कोरोना से संक्रमण और मौत की सप्ताहिक दर में बढ़ोतरी ने केंद्र को चिंता में डाल दिया है। सरकार ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, मिजोरम और जम्मू-कश्मीर को चिट्‌ठी लिखकर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शनिवार को कहा कि सभी राज्यों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को देखते हुए इंटरनेशनल ट्रैवलर्स पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है।

भारत में दूसरी लहर के लिए कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को कारण बताया गया था। नए वैरिएंट की रफ्तार को लेकर एक्सपर्ट्स भी चेतावनी दे चुके हैं कि ओमिक्रॉन डेल्टा स्ट्रेन से भी 10 गुना ज्यादा रफ्तार से फैल सकता है। नए वैरिएंट को लेकर दुनियाभर में खौफ का माहौल है और एक बार फिर से पाबंदियों का दौर भी शुरू हो चुका है।
नए वैरिएंट को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी?

WHO ने तमाम जांच के बाद ओमिक्रॉन को वैरिएंट ऑफ कंसर्न (VOC) कैटेगरी में रखा है। यानी यह वैरिएंट काफी तेजी से फैलता है। यह बताना जरूरी है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट का म्यूटेशन, ट्रांसमिशन की गति और इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने की क्षमता को देखकर इसे VOC कैटेगरी में रखा गया है।

वैक्सीन बनाने वाली कंपनी मोर्डना और कई एक्सपर्ट्स इस बात का भी दावा कर रहे हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट पर मौजूदा वैक्सीन कारगर नहीं है। इस पर कई तरह के दावे हैं लेकिन मौजूदा व्यवस्था के तहत ही इसे रोकने को लेकर काम किया जा रहा है। हालांकि कई कंपनियां इसके बूस्टर डोज को लेकर भी काम कर रही हैं। हालांकि कई सवाल अब भी हैं जिन पर रिसर्च जारी है।