नरदहा लाइमस्टोन क्वारी की लोक जनसुनवाई का विरोध




धरसीवाँ
छत्तीसगढ़ मजदूर संघ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष कमल बांधे ने नरदहा और दोंदेकला में प्रस्तावित मेसर्स नरदहा लाइमस्टोन क्वारी की पर्यावरणीय लोक जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग की है। यह जनसुनवाई 19 सितंबर 2024 को आयोजित होने वाली है।
कमल बांधे ने कहा कि आसपास के गांवों जैसे पचेड़ा, अकोली डीह, बाराडेरा, धनसुली, और तुलसी के ग्रामीणों में चूना पत्थर खदान और भारी ब्लास्टिंग के कारण प्रदूषण, दीवारों में दरार, और विभिन्न दुर्घटनाओं को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का मानना है कि नए लाइमस्टोन क्वारी के संचालन से प्रदूषण और दुर्घटनाएं बढ़ेंगी।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने 13 सितंबर 2024 को कलेक्टर रायपुर और एडीएम रायपुर को ज्ञापन देकर जनसुनवाई को स्थगित करने की मांग की है। यदि जनसुनवाई स्थगित नहीं की गई, तो ग्रामीण मजदूर नेताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा भयंकर विरोध किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि लाइमस्टोन क्वारी के निकटता से प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे टीबी, सांस लेने में तकलीफ, हार्ट फेल, दमा, और चर्म रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, खेती में कठिनाई होगी, जो ग्रामीणों की आय का मुख्य स्रोत है।
कमल बांधे ने यह भी आरोप लगाया कि इस जनसुनवाई की सूचना गांव के प्रमुखों को नहीं दी गई है और न ही ग्राम सभा में अनुमोदन लिया गया है। इस प्रकार, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, और मजदूर नेताओं को अंधेरे में रखकर यह प्रक्रिया की जा रही है, जिसका वे विरोध करते हैं।