सीधी भर्ती मे नियमितीकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ

सीधी भर्ती मे नियमितीकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी  छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ

 

रायपुर,नया भारत से चर्चा के दौरान अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गडपाले ने बतलाया की

17 सितम्बर 2021 को रायपुर में होगा 36 घण्टे का घेराव एवं प्रदर्शन 3600 सौ अनियमित कर्मचारी बैठेंगे आमरण अनशन पर, फिर 28 जिलो से आये लाखो की संख्या में उपस्थित कर्मचारी पदयात्रा रैली निकाल कर बूढ़ा तालाब धरना स्थल से मुख्यमंत्री के निवास का घेराव करंगे

छत्तीसगढ़ के अलग - अलग विभाग जैसे - शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, विद्युत् विभाग, सहकारिता, एवं पुलिस विभाग के अंतर्गत 17,854 नियमित पदों में भर्ती का ऐलान किया है। हालाँकि इनमे से कुछ विभागों में भर्ती की जानकारी कुछ दिन पहले ही प्राप्त हो गई थी। वही मुख्यमंत्री ने उक्त पदों में बहुत जल्द भर्ती प्रक्रिया जारी करने की बात कही है जिस पर प्रशासनिक विभागीय कार्यलयों द्वारा विज्ञप्ति हेतु निर्देश निरंतर कार्यालयों में प्रेषित की जा रही है।

 

जबकि कांग्रेस जन घोषणा में स्पष्ट है कि अनियमित संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को रिक्त पदों में नियमित करने की कार्यवाही की जावेगी एवम किसी की भी छटनी नही की जाएगी।

 

लेकिन ठीक इसके विपरीत हो रहा है सीधी भर्ती होने के कारण नियमितीकरण से वंचित व छटनी हो रही है पूर्व एवम वर्तमान में बहुँत से स्थानों में नियमित कर्मचारियों के आने के कारण कई अनियमित कर्मचारियों की नौकरी चली गई। अभी ताजा मामला रायपुर, दंतेवाड़ा, का है।

 

वहीं अनियमित कर्मचारी कम वेतन में भी नियमितीकरण के लिये आश लगाए 10-15 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे है।

 

छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ का

मुख्य मांग

1 समस्त सीधी भर्ती में सर्वप्रथम अनियमित कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए रिक्त पदों में समायोजित कर नियमित किया जावे।

2 अनियमित कर्मचारियों के वेतन विसंगति को दूर करते हुए वेतन वृद्धि किया जावे वा प्रत्येक 2 वर्षों में जो वेतन वृद्धि हो रहा है उसको निरंतर प्रत्येक 6 माह में करते हुए महंगाई के आधार पर नियमित कर्मकरियो के अनुरूप किया जावे।

 

3 विभागों में हो रही योजना परियोजना एवं अन्य कारणों से कर्मचारियों की छटनी (सेवा से पृथक) करने की कार्यवाही जारी है उस पर तत्काल रोक लगाई जावे।

 

ऐसे में सरकार द्वारा अपने जन घोषणा मैं उल्लेखित नियमितीकरण एवं छटनी नहीं करेंगे वादे को भूल गई है वही सामान्य प्रशासन द्वारा गठित समिति केवल और केवल पत्र पत्राचार (अनियमित कर्मचारियों की जानकारी मंगा मंगा कर) 2 वर्ष व्यतीत कर चुकी है 

अब नियमितीकरण तो दूर नौकरी जाते देख अनियमित कर्मचारियों के पास विरोध के अलावा कोई और रास्ता नजर नही आ रहा है।

 

 कोरोना काल मे सर्वाधिक किसी ने अपनी सेवाएं दी है तो उसमे अनियमित संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मानदेय प्लेसमेंट ठेका कर्मी कर्मचारी की संख्या सर्वाधिक है।