प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब शिवसेना के बड़े नेता संजय राउत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में..
The Enforcement Directorate (ED) has now taken a big action..




NBL, 05/04/2022, Lokeshwer Prasad Verma,.. Maharashtra news: The Enforcement Directorate (ED) has now taken a big action against Shiv Sena's big leader Sanjay Raut. Patra Chawl land scam case.
Mumbai ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब शिवसेना के बड़े नेता संजय राउत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED ने पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में संजय राउत के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके अलीबाग के आठ प्लॉट और मुंबई के दादर में स्थित एक फ्लैट को अटैच (कुर्क) किया। खबरों के मुताबिक, अटैच संपत्ति की कीमत करीब 11 करोड़ रुपये है। इसमें से 9 करोड़ की प्रॉपर्टी प्रवीण राउत की और 2 करोड़ की प्रॉपर्टी संजय राउत की पत्नी की है। इसमें अलीबाग स्थित प्लॉट और दादर स्थित फ्लैट शामिल है। जानकारी के मुताबिक, 1034 करोड़ के पात्रा चॉल लैंड स्कैम मामले में संजय राउत के करीबी प्रवीण राउत का नाम सामने आया था। इन्हें ED पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और इस मामले की चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।वैसे संजय राउत ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि भले ही मेरी सारा संपत्ति सीज कर ली जाए, मुझे गोली मार दी जाए या मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए, मैं लड़ता रहूंगा और सभी की पोल खोलूंगा। आपको बता दें कि कुछ ही दिनों पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को एक पत्र लिखा था, जिसमें दावा किया था कि 1,034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके और उनके रिश्तेदारों, दोस्तों के खिलाफ अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है। उनका आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को गिराने की 'मंशा' से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्या है मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2007 में, HDIL (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) की एक सहयोगी कंपनी, गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को MHADA (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने पात्रा चॉल के पुनर्विकास का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत इस कंपनी को पात्रा चॉल के 672 किरायेदारों के लिए फ्लैट तैयार करने थे और लगभग 3000 फ्लैट MHADA को सौंपने थे। कुल भूमि 47 एकड़ की थी। MHADA और पात्रा चॉल किरायेदारों को फ्लैट सौंपने के बाद बची हुई भूमि को बिक्री और डेवलपमेंट के लिए गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को अनुमति मिलनी थी।
लेकिन गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन ने ना तो चॉल के किसी किरायेदार के लिए फ्लैट बनाया ना ही MHADA को कोई फ्लैट डेवलप कर दिया। बल्कि उसने 8 अन्य बिल्डरों को ये सारी जमीन 1,034 करोड़ रुपये में बेच दी। इस घोटाले में ED ने प्रवीण राउत को गिरफ्तार किया है। प्रवीण HDIL के सारंग और राकेश वधावन के साथ फर्म में निदेशकों में से एक था, जो पीएमसी बैंक घोटाला मामले में मुख्य आरोपी हैं।