अंबुजा सीमेंट विस्तारीकरण जनसुनवाई सम्पन्न : सुरक्षा जाली के अंदर बैठे रहे संयंत्र प्रबंधन के अधिकारी...ग्रामीणों ने सख्त विरोध कर कहा 'नहीं चाहिए तीसरी इकाई '….जाने पूरा मामला….

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अंबुजा सीमेंट विस्तारीकरण जनसुनवाई सम्पन्न : सुरक्षा जाली के अंदर बैठे रहे संयंत्र प्रबंधन के अधिकारी...ग्रामीणों ने सख्त विरोध कर कहा  'नहीं चाहिए तीसरी इकाई '….जाने पूरा मामला….
अंबुजा सीमेंट विस्तारीकरण जनसुनवाई सम्पन्न : सुरक्षा जाली के अंदर बैठे रहे संयंत्र प्रबंधन के अधिकारी...ग्रामीणों ने सख्त विरोध कर कहा 'नहीं चाहिए तीसरी इकाई '….जाने पूरा मामला….

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बलौदाबाजार(देवेश साहू)- जिला मुख्यालय से लगभग 5 किमी दूर ग्राम रवान मे स्थित अंबुजा सीमेंट संयंत्र की तीसरी इकाई विस्तारीकरण का पर्यावरण जनसुनवाई 31 मार्च ग्राम भद्रपाली मे भारी पुलिस बल एवं त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के साथ हल्के फुल्के हंगामे के बीच संपन्न हुई। भारी जनविरोध को देखते हुए संयंत्र प्रबंधन ने प्रशासन के साथ लोहे की जालियों वाले मजबूत पंडाल मे बैठ कर पूरी प्रक्रिया को संपन्न कराया।

 

सीमेंट संयंत्र के प्रकोप से प्रभावित ग्रामीणों एवं ग्राम स्तरीय जनप्रतिनिधियों ने इस विस्तारीकरण का जमकर विरोध किया। ग्रामीणों का तर्क हैं की जब सयंत्र की इस क्षेत्र मे पहले से दो इकाई कार्यरत हैं, जिससे पैदा किया गया प्रदुषण प्रबंधन से संभल नहीं रह हैं तो और तीसरी इकाई लगा कर हमारा और हमारे बच्चों का भविष्य क्यो बर्बाद करना चाहते हो ?

 

ग्रामीणों के सख्त विरोध के बावजूद भी जिला स्तरीय सत्ता पक्ष - विपक्ष के जनप्रतिनिधियों सहित उद्योगपतियों, ठेकेदारों ने विस्तारीकरण को विकास के नाम पर अपना समर्थन दिया जनसुनवाई मे लोग दो हिस्सों मे बाँटे नजर आये, पहले हिस्से मे वो लोग हैं जो अंबुजा सीमेंट संयंत्र से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, दूसरे हिस्से मे वो लोग हैं जिनके घरों मे पानी आ रहा हैं, जो स्वच्छ वायु मे साँस ले रहे हैं, जिनके कान चौबीसों घण्टे के शोर से मुक्त हैं, जिनके बच्चों के खेलने के लिए खेल मैदान उपलब्ध हैं जिनका उद्देश्य विकास के नाम पर सिर्फ पैसा कमाना हैं।

ग्रामीणों ने विरोध में कहा-पहले दो यूनिट से है परेशान

संयंत्र विस्तारीकरण से प्रभावित ग्रामीणों ने अपने सरपंच पंच जनपद सदस्यों के साथ जम कर अपना विरोध दर्ज कराया, ग्रामीणों ने मंच पर आ कर कहाँ की इस संयंत्र की कार्यशील दो इकाईयों ने ही यहाँ के पर्यावरण को नष्ट कर दिया हैं, जल दूषित हो गया हैं, भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया हैं, पेयजल संकट हैं, इस वायु मे अब सांस लेने मे भी समस्या आ रही हैं, खेती योग्य भूमि संयंत्र की डस्ट से पट कर बंजर हो रही हैं, संयंत्र के आस पास के गाँव मे हमेशा बदबू फैली रहती हैं, जलाशय सूख गए हैं, तरह तरह की बीमारियां हो रही हैं, कन्वेयर बैल्ट के चौबीसों घंटे के शोर से स्थाई बहरापन आ रहा हैं, सीमेंट संयंत्र की 2 इकाइयों ने हमारे ग्रामीण जनजीवन एवं पर्यावरण को बुरी तरह से प्रभावित किया हैं, हमें ये तीसरी इकाई नहीं चाहिए, वर्तमान समस्याओं को पहले दूर करें उसके बाद तीसरी इकाई विस्तार पर पर्यावरण जनसुनवाई करें।

विरोध दर्ज कराया : राम लाल ध्रुव सरपंच ग्राम भद्रपाली, रूपेंद्र वर्मा उपसरपंच ग्राम भद्रपाली, राजेश साहू जनपद सदस्य, विष्णु साहू सरपंच प्रतिनिधि, गोलू देवांगन, हरिराम वर्मा, अधिवक्ता दिनबंधू देवांगन, चिनु वर्मा, रवि वर्मा, दिलीप कुमार उपसरपंच ग्राम करमंडी, शशिकांत साहू, भूषण साहू एवं अन्य

 

अपना समर्थन दिया : जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा, परमेश्वर यदु, सुधीर अग्रवाल, अशोक जैन, अर्जुनी सरपंच प्रमोद जैन, भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष सनम जांगड़े, के के वर्मा, आर्यन शुक्ला, भोला वर्मा सरपंच ग्राम मल्दी, धीरज बाजपेई, उमेश जैन ग्राम अर्जुनी एवं अन्य

 

जनसुनवाई मे भाग नहीं लिया : विधायक प्रमोद शर्मा, जनपद उपाध्यक्ष ईशान वैष्णव, जिला कांग्रेस कमिटी जिला अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर, शिवसेना जिलाध्यक्ष संतोष यदु

 

इन्होंने कहाँ : राकेश वर्मा (अध्यक्ष, जिला पंचायत बलौदाबाजार)

संयंत्र के अधिकारी ये जो सुरक्षा जाली लगाकर अंदर बैठे ये इस बात को बताता है कि संयंत्र और ग्रामीण जनता के बीच कोई सामाजिक सरोकार नही है। अगर संयंत्र अपने वादे पूरे कर रही है व क्षेत्र का विकास कर रही है तो उनको जेल की तरह डबल सुरक्षा जाली में बैठने की आवश्यकता नहीं होती। 

 

आगे उन्होंने ग्राम भद्रपाली में आवागमन के लिए सड़क की मांग, ग्राम मुड़ीपार में स्थित कन्वेयर बेल्ट को साउंड प्रूफ बनाने की मांग, एफआर द्वारा बनाये जा रहे कचरे की गंदगी व बदबू की परेशानीयों व संयंत्र में 90 प्रतिशत स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती जैसे मांग को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखते हुए अपना समर्थन दिया हैं

 

इन्होंने कहाँ : दीनबंधु देवांगन, अधिवक्ता, ग्रान रवान

1983 से अंबुजा सीमेंट प्लांट स्थापित है और लगातार उत्पादन जारी है यह बात निश्चित है कि स्थापना के समय भी जनसुनवाई की होगी लेकिन फिर भी प्लांट द्वारा पर्यवरण नीति को ठेंगा दिखाते हुए कार्य किया जा, जिससे भूमि जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है, कुकुरडीह स्थित 700 एकड़ का जलाशय सुख चुका है जिला प्रशासन ने भी इस क्षेत्र को सुखा घोषित कर दिया है। जल की समस्या से परेशान ग्रामीण पलायन करते जा रहें है और आगे भी ऐसा ही चलता रहेगा जिससे मैं इस तीसरी यूनिट का विरोध करता हूँ

 

इन्होंने कहाँ :  हरिराम वर्मा ग्रामीण ग्राम मुढ़ीपार

ग्राम के आबादी क्षेत्र से लग कर सयंत्र का कन्वेयर बेल्ट हैं उससे इतना ज्यादा चौबीसों घंटे शोर होता हैं की हम 10 फ़ीट की दूरी से भी बातचीत नहीं कर पाते हैं, इस ध्वनि प्रदूषण के कारण दिल की धड़कन हमेशा बढ़ी रहती हैं, ग्रामीणों के सुनने की क्षमता कम हो गयी हैं स्थाई बहरापन आ रहा हैं, शोर के कारण गाँव के स्कूल मे बच्चों को पढ़ाते भी नहीं बन रहा हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रहीं हैं, इस ध्वनि प्रदूषण से हमें भय हैं की हमारे गाँव मे पैदा होने वाले बच्चे मूक बधिर पैदा ना हो।