वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान भारत का व्यापार घाटा 87.5 फीसदी तक बढ़ कर 192.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

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वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान भारत का व्यापार घाटा 87.5 फीसदी तक बढ़ कर 192.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान भारत का व्यापार घाटा 87.5 फीसदी तक बढ़ कर 192.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

NBL, 04/04/2022, Lokeshwer Prasad Verma,. " National News: During the financial year 2021-22, India's trade deficit increased by 87.5 percent to $ 192.41 billion.वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान भारत का व्यापार घाटा 87.5 फीसदी तक बढ़ कर 192.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया. वित्त वर्ष 2020-21 में व्यापार घाटा 102.63 अरब डॉलर का था, पढ़े विस्तार से...। 

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका में इस साल चाय के उत्पादन और बाहर भेजे जाने वाली शिपमेंट में बड़ी गिरावट आ सकती है.

रेटिंग एजेंसी आईसीआरए लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट कौशिक दास कहते हैं कि श्रीलंका में हर साल तकरीबन 300 मिलियन किलो चाय का उत्पादन होता है. वो अपने सालाना उत्पादन का 97 से 98 फ़ीसदी दूसरे देशों को बेच देता है. पारंपरिक चाय के वैश्विक कारोबार में श्रीलंका की हिस्सेदारी इस समय 50 फ़ीसदी के क़रीब है. इराक़, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, लीबिया, रूस और तुर्की जैसे देशों में श्रीलंका की चाय भेजी जाती है.

कौशिक दास बताते हैं कि श्रीलंका के चाय उत्पादन में गिरावट से वैश्विक बाज़ार पर बड़ा असर पड़ेगा और इसकी भरपाई करने का भारतीय निर्यातकों को मौका मिलेगा. दक्षिण भारत के चाय निर्यातकों के संगठन के चेयरमैन दीपक शाह हाल ही में कोलंबो यात्रा से लौटे हैं.

वे बताते हैं कि देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के साथ चाय के कारखानों को भी काम जारी रखने में दिक्कत आ रही है। 

दीपक शाह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "श्रीलंका के तकरीबन सभी चाय कारखानों को 12 से 13 घंटे बिजली कटौती का सामना कर पड़ रहा है. जेनरेटर चलाने के लिए उनके पास पर्याप्त ईंधन नहीं है. अमूमन उत्पादन में बाधा पड़ने से क्वॉलिटी ख़राब हो जाती है. इसके अलावा वहां बारिश भी कम हुई है. मुझे लगता है कि पड़ोसी देश में 20 से 25 फ़ीसदी उत्पादन में गिरावट हो सकती है."

दीपक शाह का भी ये मानना है कि ऐसी स्थिति में भारतीय निर्यातकों के लिए अच्छा समय आने वाला है, ख़ासकर रुपया-रूबल वाली व्यवस्था के साथ रूस के साथ व्यापार सुधरने के आसार हैं।