अप्पर आयुक्त धनबाद के इस आदेश के पश्चात अन्य किसी औपचारिकता किए बिना क्षेत्रीय आयुक्त कोल माइन्स प्रोविडेंट फंड द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इस बड़े हुए ब्याज दर का लाभ या इसका भुगतान तत्काल प्रभाव से कर देना चाहिए




मनेंद्रगढ़। माननीय एके सिंह अपर आयुक्त कोल माइन्स प्रोविडेंट फंड धन्यवाद ने अपने पत्र क्रमांक 179 दिनांक 5 अप्रैल 2022 में समस्त क्षेत्रीय आयुक्त को यह निर्देश दिया है कि जो कोयला कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए हैं उन्हें वर्ष 2019-20 तथा 2018-19 में सीएमपीएफ के ब्याज दर में जो वृद्धि हुई है उसका भुगतान अति शीघ्र कर दिया जाए।
संतोष कुमार जैन सचिव जनजागृति मनेंद्रगढ़ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए समस्त सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारियों को यह जानकारी देते हुए बताया है कि अप्पर आयुक्त धनबाद के इस आदेश के पश्चात अन्य किसी औपचारिकता किए बिना क्षेत्रीय आयुक्त कोल माइन्स प्रोविडेंट फंड द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इस बड़े हुए ब्याज दर का लाभ या इसका भुगतान तत्काल प्रभाव से कर देना चाहिए।
इसे विडंबना ही कहेंगे कि संबंधित क्षेत्रीय आयुक्त कार्यालय में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है बिना कुछ दिए लिए कोई भी काम होना असंभव सा हो गया है। सेवानिवृत्त कर्मचारी सेवानिवृत्त होने के पश्चात भारत वर्ष के विभिन्न प्रांतों में जाकर निवास कर रहे हैं और यह जो छोटी-छोटी राशि का भुगतान उन्हें होना है इसके बदले भी संबंधित विभाग के लोग बदले में कुछ ना कुछ चाहते हैं और बिना कुछ दिए लिए काम भी नहीं हो रहा है। क्षेत्रीय आयुक्त समस्या समाधान शिविर के नाम पर केवल मौज मस्ती करने आते हैं यूनियन के प्रतिनिधियों से मिलते हैं परंतु बाद में जाकर जो कार्यवृत्त भेजते हैं वह पूरी तरह वास्तविकता से परे होता है।
संतोष कुमार जैन ने यह मांग करते हुए कहा कि कोल माइन्स प्रोविडेंट फंड से संबंधित जितने भी पेंशन प्रकरण हैं विधवा पेंशन के केस हैं उनके संबंध में नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जाने चाहिए साथ ही साथ जो ब्याज दर में वृद्धि होती है उसका तत्काल प्रभाव से भुगतान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक पूर्व पार्षद को लगभग ₹500 प्रति माह विधवा पेंशन प्राप्त होना है परंतु बार-बार लिखने के बावजूद विगत 2 वर्षों से संबंधित कार्यालय द्वारा विधवा स्त्री को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है अनेक अनेक बार पत्राचार होने के बाद भी कार्यालय बिना दिए लिए कोई भी कार्य करने को तैयार ही नहीं है।
जन जागृति मनेंद्रगढ़ के सचिव ने समस्त सेवानिवृत्त कर्मचारियों का आह्वान किया कि वह लोग जनजाति मनेन्दगढ़ से जुड़े और सामूहिक रूप से अपनी बातों को रखने के लिए एक मंच पर एकजुट हों क्योंकि इस कलयुग में संख्या बल और संगठन दोनों का महत्व होता है। हम सभी साथी जो सेवानिवृत्त होने के पश्चात मनेंद्रगढ़ के पांच से 7 किलोमीटर की परिधि में रहते हैं वह उन साथियों की अवश्य मदद कर सकते हैं जो कोयला खदानों से सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर जीवन यापन कर रहे हैं।