CG VIDEO: पति के इंतजार में थम नहीं रहे पत्नी के आंसू…..मासूम बेटा रोज पूछता है मम्मी पापा कब आएंगे?….4 दिन बीत जाने के बाद भी PMGSY के बंधक बने सब इंजीनियर की रिहाई का इंतजार…..मदद की आश में आंखों में आंसू लिए जंगल मे भटक रही पत्नी……बूढ़ी मां बेटे के वापस आने की कर रही दुआ……




बीजापुर, 15 नवंबर। नक्सलियों द्वारा अगवा किये गए प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के सब इंजीनियर अजय रौशन लकड़ा का चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सब इंजीनियर लकड़ा के घर में पत्नी और उनके तीन साल के बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी अर्पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे है। वह लगातार नक्सलियों से उनके पति को रिहा करने की फरियाद कर रही है। वहीं सब इंजीनियर की बूढ़ी मां अपने जवान बेटे के सकुशल वापस लौट आने की दुआ कर रही है।
ज्ञात हो कि गुरुवार को सडक़ निर्माण का काम देखने गए गांधी नगर अम्बिकापुर निवासी सब इंजीनियर अजय रौशन लकड़ा व कार्यालय सहायक लक्ष्मण परतागिरी मनकेली गांव की ओर गए हुए थे। तभी वहां सादे वेशभूषा में कुछ नक्सली आये और उनका अपहरण कर ले गए। शुक्रवार को कार्यालय सहायक लक्ष्मण परतागिरी को रिहा कर दिया गया। लेकिन सब इंजीनियर अजय रौशन लकड़ा को नक्सली अब भी अपने कब्जे में रखे हुए है। शनिवार को सब इंजीनियर की पत्नी अर्पित लकड़ा अपने तीन साल के बच्चे को लेकर जंगल में गई और वहां वे ग्रामीणों से उनके पति को सकुशल रिहा करने की मिन्नते की। लेकिन सब इंजीनियर की कोई खबर नहीं आई।
घर पर सब इंजीनियर अजय लकड़ा की बूढ़ी मां अपने बेटे के सुरक्षित लौट आने की दुआ कर रही है। वही पत्नी अर्पिता और उनके तीन साल के मासूम बच्चे के आंसूं थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार को अर्पिता अपने पति की तलाश में फिर से जंगलों की ओर जाने की जिद करती रही। जिसे लोगों ने समझाया और वे रास्ते से लौट आई।
अर्पिता ने मीडिया के माध्यम से नक्सलियों से अपील करते हुए कहा है कि वे उनके पति को रिहा कर दें। उनके पति एक भले इंसान है। चार दिन से तीन साल के मासूम बेटे ने अपने पिता को न देखा और न ही उनकी आवाज सुनी है। वह रोज पूछता है मम्मी पापा कब आएंगे। अर्पिता बताती हैं कि वह बच्चे को हर दिन दिलासा दिला रही है कि उसके पापा जल्द घर लौट आएंगे।
अर्पिता ने मार्मिक अपील करते कहा कि जिस किसी भाई बहन के पास उनके पति हैं। वे एक बहन की फरियाद को सुनकर उनके पति को रिहा कर दें। वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर भी सब इंजीनियर को छोडऩे अपील की गई हैं।